4 एंबुलेंस और बिना चले पी गईं 50 लाख का डीजल... हरियाणा में गजब खेल!

फरीदाबाद के बीके सिविल अस्पताल में महीनों से खड़ी चार एंबुलेंसों के नाम पर करीब 50 लाख रुपये का डीजल खरीदे जाने का मामला सामने आया है. जांच में खुलासा हुआ कि एंबुलेंस अपनी जगह से हिली तक नहीं, लेकिन उनके फ्यूल कार्ड से डीजल भरवाने की एंट्री होती रही. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मामले का खुद संज्ञान लिया है.

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खपलेबाजी का मुख्यमंत्री ने खुद लिया है संज्ञान. (Photo: Screengrabs) खपलेबाजी का मुख्यमंत्री ने खुद लिया है संज्ञान. (Photo: Screengrabs)

सचिन गौड़

  • फरीदाबाद,
  • 03 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 4:28 PM IST

हरियाणा के फरीदाबाद के बीके सिविल अस्पताल में महीनों से खड़ी चार एंबुलेंसों के नाम पर करीब 50 लाख रुपये का डीजल खरीदे जाने का मामला सामने आया है. मामला उजागर होने के बाद आज नेशनल रूरल हेल्थ मिशन के डाइरेक्टर जनरल डॉ. वीरेंदर यादव फरीदाबाद पहुंचे और जांच कमेटी गठित की. कमेटी को 5 दिन के अंदर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए हैं. सीएमओ ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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मामला सामने आने के बाद हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार को घेरा. उन्होंने लिखा कि नायब सरकार में अजब खेल हो रहा है, जहां खड़ी एंबुलेंस 50 लाख रुपये का डीजल फूंक रही हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदेश में रोजाना ऐसी कितनी घटनाएं होती होंगी. छोटे-मोटे कर्मचारियों को पकड़कर बड़े अधिकारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है.

सीएम सैनी ने मामले का खुद लिया संज्ञान
विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक कुछ महीने पहले पंचकूला स्थित मुख्यालय ने एंबुलेंस में फ्यूल कार्ड के जरिए होने वाले लेनदेन की जांच की थी. इस दौरान सामने आया कि कुछ एंबुलेंस के बिना चले ही उनके नाम पर पेट्रोल पंप से डीजल खरीदा जा रहा था. यह सिलसिला एक-दो बार नहीं, बल्कि लगातार जारी था. जांच में करीब 50 लाख रुपये का ईंधन खरीदे जाने का अंदेशा जताया गया है. खास बात यह है कि जिस अवधि में इन एंबुलेंसों के नाम पर डीजल खरीदा गया, उस दौरान वे अपनी निर्धारित जगह से कहीं नहीं गई थीं.

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इन चार एंबुलेंसों के नाम पर दर्ज हुईं डीजल की एंट्रियां
विभाग के मुताबिक HR38GV3491 और HR38GV9863 नंबर की दो एंबुलेंस तीन से चार महीने से अस्पताल की मोर्चरी के पास खड़ी थीं. इसके बावजूद 11 अक्टूबर तक इनके फ्यूल कार्ड से डीजल भरवाने की एंट्रियां दर्ज मिलीं. वहीं HR38Z0951 और HR38GV1670 नंबर की अन्य दो एंबुलेंस जनवरी और अगस्त से एजेंसी की वर्कशॉप में खड़ी थीं. इनके फ्यूल कार्ड से भी 16 सितंबर और 11 अक्टूबर तक डीजल भरवाने का रिकॉर्ड मिला.
 

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