हरियाणा के चरखी दादरी जिले में एक शादी पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई है. यहां एक नवदंपति ने पारंपरिक रस्मों और दिखावे से अलग हटकर विवाह से पहले एचआईवी टेस्ट करवाया और रिपोर्ट सामान्य आने के बाद डॉक्टर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की तस्वीर के सामने एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया.
इस अनोखी शादी की सबसे खास बात यह रही कि समारोह पूरी तरह दहेज मुक्त और सादगीपूर्ण रहा. न बैंड-बाजा, न फिजूलखर्ची और न ही पारंपरिक फेरों का आयोजन किया गया. स्टेज पर दूल्हा-दुल्हन ने गुलाब के फूल की बजाय एक-दूसरे को ‘कलम’ भेंट कर शिक्षा और जागरूकता का संदेश दिया.
चरखी दादरी निवासी मनेंद्र दहिया और मोनिका तंवर पेशे से काउंसलर हैं. दोनों का कहना है कि शादी केवल सामाजिक रस्म नहीं, बल्कि विश्वास और जिम्मेदारी का रिश्ता है. इसी सोच के तहत उन्होंने विवाह से पहले स्वास्थ्य जांच को प्राथमिकता दी.
दूल्हा मनेंद्र दहिया ने कहा कि युवाओं को बिना झिझक स्वास्थ्य संबंधी जांच करवानी चाहिए ताकि भविष्य सुरक्षित और स्वस्थ रह सके. वहीं मोनिका तंवर ने कहा कि एचआईवी जैसे विषयों पर समाज में आज भी खुलकर बात नहीं होती, जबकि जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है.
समारोह में मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता संजय रामफल ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं को स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना है. उन्होंने कहा कि आज शादियां दिखावे का माध्यम बनती जा रही हैं, जबकि जरूरत सादगी और जागरूकता को बढ़ावा देने की है. इस अनूठी शादी को लोग इसे नई सोच की शादी और समाज को आईना दिखाने वाली पहल बता रहे हैं. मनेंद्र के पिता कृष्ण दहिया ने बताया कि विवाह से पहले स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर इस तरह की पहल समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है. उन्होंने युवाओं को भी इस तरह की शादी करने का आह्वान किया है.
प्रदीप कुमार साहू