गुजरात के सूरत में टीकाकरण के बाद पांच बच्चों को पैरासिटामोल की जगह गलती से डायबिटीज की दवा दे दी गई. दवा लेने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ गई. पांचों को ICU/PICU में भर्ती कराना पड़ा. मामले में स्वास्थ्य विभाग ने महिला हेल्थ वर्कर को निलंबित कर दिया है.
यह मामला सूरत जिले की पलसाणा तहसील का है. यहां कणाव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सब सेंटर पलसाणा-01 में 23 सितंबर को 'ममता दिवस' के दौरान 7 बच्चों का टीकाकरण हुआ था. टीके के बाद पांच बच्चों को पैरासिटामोल किड टैबलेट दी जानी थी. गलती से उन्हें ग्लिमेपिराइड 2 एमजी की गोली दे दी गई. यह डायबिटीज के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा है.
गलत दवा दिए जाने के बाद पांचों बच्चों पर इसका गंभीर असर हुआ. उनकी तबीयत बिगड़ने पर 24 सितंबर को ICU/PICU में भर्ती कराया गया. मामले की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी.
महिला हेल्थ वर्कर निलंबित
बच्चों को गलत दवा देने की गलती महिला हेल्थ वर्कर इंदुबेन रतिलाल चौधरी से हुई. सूरत जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी ने उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी किया है. निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डांगरापाड़ा, तालुका उमरपाड़ा, जिला सूरत तय किया गया है. सरकारी आदेश के मुताबिक, निलंबन अवधि में वह बिना अनुमति निजी नौकरी या कारोबार नहीं कर सकेंगी. उन्हें हर महीने संबंधित तालुका स्वास्थ्य अधिकारी के सामने जरूरी प्रमाणपत्र देना होगा. बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की भी इजाजत नहीं होगी. मामले में आगे की विभागीय कार्रवाई जांच के बाद की जाएगी.
स्वास्थ्य मंत्री ने क्या कहा?
गुजरात सरकार के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने बताया कि प्रभावित बच्चों में करीब 3.5 महीने से लेकर एक साल तक की उम्र के बच्चे शामिल हैं. उनके मुताबिक, घटना को गंभीरता से लिया गया है. अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने बताया कि टीकाकरण के बाद बच्चों का तापमान बढ़ सकता है, इसलिए पैरासिटामोल दी जाती है. इस मामले में गलती से डायबिटीज की दवा दे दी गई, जिसके बाद बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. मंत्री के मुताबिक, इलाज के बाद पांचों बच्चे फिलहाल स्थिर हैं. उनकी हालत में सुधार है और उन्हें जल्द छुट्टी मिलने की उम्मीद है.
संजय सिंह राठौर