अहमदाबाद में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. हत्या के एक पुराने मामले में आजीवन कैद की सजा पा चुका आरोपी जमानत पर जेल से बाहर आया और इसके बाद उस पर एक और हत्या करने का आरोप लगा है. अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने इस मामले में मुख्य आरोपी हितेश सोलंकी और उसके भाई रवि सोलंकी को गिरफ्तार किया है. दोनों पर 25 साल के अजीत सिंह की हत्या में शामिल होने का आरोप है. मामला अहमदाबाद शहर के वटवा GIDC इलाके के त्रिकमपुरा का है. पुलिस के मुताबिक 31 अगस्त की रात मकान के किराए को लेकर विवाद हुआ था. इसी विवाद के दौरान हितेश सोलंकी, रवि सोलंकी, अक्षय सोलंकी और धर्मेश सोलंकी कथित तौर पर तलवार और लोहे के सरिये लेकर पहुंचे थे.
आरोप है कि चारों ने मिलकर 25 वर्षीय अजीत सिंह पर जानलेवा हमला कर दिया. हमले में अजीत सिंह के माथे और मुंह पर गंभीर चोटें आईं. हालत गंभीर होने के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. इलाज के दौरान अजीत सिंह की मौत हो गई. अजीत सिंह की मौत के बाद मामले ने हत्या का रूप ले लिया. वटवा GIDC पुलिस ने इस संबंध में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की. जांच के दौरान अहमदाबाद क्राइम ब्रांच भी आरोपियों की तलाश में जुट गई.
मकान के कब्जे और किराए को लेकर था विवाद
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के DCP अजीत राजियन के मुताबिक मृतक अजीत सिंह जिस मकान में रहता था, उसके कब्जे और किराए को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. इसी विवाद को हत्या की वजह बताया जा रहा है. पुलिस के मुताबिक हितेश ने अपने भाइयों के साथ मिलकर अजीत सिंह पर हमला किया. पुलिस अब इस मामले में आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है. क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी हितेश और उसके भाई रवि को गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस के अनुसार अजीत सिंह की हत्या के बाद हितेश और रवि अहमदाबाद छोड़कर फरार होने की फिराक में थे. हालांकि दोनों शहर से बाहर निकल पाते, उससे पहले ही क्राइम ब्रांच ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में धर्मेश सोलंकी और अक्षय सोलंकी अभी फरार हैं. पुलिस उनकी तलाश कर रही है. इस पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि मुख्य आरोपी हितेश सोलंकी पहले से ही हत्या के एक मामले में आजीवन कैद की सजा भुगत रहा था.
पहले भी हत्या के मामले में मिली थी उम्रकैद
पुलिस के मुताबिक हितेश ने मितेश नाम के एक शख्स को छत से नीचे फेंककर उसकी हत्या की थी. इस मामले में कोर्ट ने उसे आजीवन कैद की सजा सुनाई थी. यानी हितेश पहले से हत्या के मामले में दोषी ठहराया जा चुका था और उम्रकैद की सजा भुगत रहा था. इसके बाद उसे जमानत मिली और वह जेल से बाहर आया. पुलिस का आरोप है कि जमानत पर बाहर आने के बाद हितेश ने फिर हत्या की वारदात को अंजाम दिया.
पुलिस के मुताबिक इस बार मकान के कब्जे और किराए को लेकर चल रहे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. हितेश और उसके भाइयों पर अजीत सिंह के साथ मारपीट और जानलेवा हमला करने का आरोप है. गंभीर चोटों के कारण अजीत सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई. पुलिस का कहना है कि हितेश के खिलाफ पहले से ही हत्या का मामला दर्ज था, जिसमें उसे कोर्ट से आजीवन कैद की सजा मिल चुकी है. इसके बावजूद जमानत पर बाहर आने के बाद उस पर एक और हत्या में शामिल होने का आरोप लगा है. अजीत सिंह की हत्या के बाद हितेश और रवि कथित तौर पर अहमदाबाद से फरार होने की कोशिश में थे. लेकिन क्राइम ब्रांच ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया.
जमानत पर बाहर आते ही फिर हत्या का आरोप
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के DCP अजीत राजियन ने बताया कि मामले में मुख्य आरोपी हितेश और उसके भाई रवि को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. वहीं धर्मेश और अक्षय अभी फरार हैं. पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि मकान के कब्जे और किराए को लेकर चल रहे विवाद में घटनाक्रम किस तरह हत्या तक पहुंचा. फिलहाल गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है. एक तरफ पुलिस के सामने हत्या के नए मामले की जांच है, वहीं दूसरी तरफ इस वारदात का आरोपी हितेश पहले से हत्या के मामले में आजीवन कैद की सजा पा चुका था. जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद फिर हत्या के आरोप में उसकी गिरफ्तारी ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है.
अतुल तिवारी