शादी के चार महीने बाद ही बाइक पर बैठे-बैठे शख्स ने बीवी को दिया तलाक

सुमैया काजी का निकाह चार महीने पहले ही मुहम्मद कामिल अंसारी के साथ हुआ था. निकाह का सरकारी तौर पर रजिस्ट्रेशन भी कराया गया था. सुमैया पति के साथ नया घर बसाने के सपने आंखों में लेकर ससुराल पहुंची लेकिन जल्दी ही सुमैया के सामने पति और ससुराल वालों की कड़वी हकीकत सामने आ गई. दहेज की मांग को लेकर सुमैया के साथ बर्बरता की जाने लगी.

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बाइक पर बैठे-बैठे बोला- 'तलाक...तलाक...तलाक' बाइक पर बैठे-बैठे बोला- 'तलाक...तलाक...तलाक'

खुशदीप सहगल

  • सूरत,
  • 17 मई 2017,
  • अपडेटेड 7:26 AM IST

सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक के मसले पर सुनवाई जारी है. सर्वोच्च अदालत याचिकाकर्ताओं और भारत सरकार का पक्ष सुनने के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का पक्ष सुन रही है. एक तरफ तीन तलाक को लेकर बहस छिड़ी है, वहीं सूरत में एक अजब मामला सामने आया है. सूरत के वरियाव बाजार इलाके में रहने वाली सुमैया काजी नाम की महिला का शौहर घर के बाहर 'तलाक, तलाक, तलाक' बोल कर तेजी से बाइक पर चला गया. ऐसा करते हुए शौहर की तस्वीरें सीसीटीवी कैमरे में कैद भी हो गई.

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सुमैया काजी का निकाह चार महीने पहले ही मुहम्मद कामिल अंसारी के साथ हुआ था. निकाह का सरकारी तौर पर रजिस्ट्रेशन भी कराया गया था. सुमैया पति के साथ नया घर बसाने के सपने आंखों में लेकर ससुराल पहुंची लेकिन जल्दी ही सुमैया के सामने पति और ससुराल वालों की कड़वी हकीकत सामने आ गई. दहेज की मांग को लेकर सुमैया के साथ बर्बरता की जाने लगी.

सुमैया के मुताबिक शुरुआत में ससुराल वालों की कुछ मांगें भी पूरी की गईं. लेकिन जब मांगें बढ़ती हीं गईं तो उन्हें मानने से सुमैया ने इनकार कर दिया. आरोप है कि सुमैया अपने मायके आई हुई थी तो उसके शौहर ने वहां आकर उसके साथ मारपीट की. शौहर ने घर से बाहर निकल कर बोला और तेजी से बाइक से वहां से चला गया.

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इस घटना के बाद से सुमैया के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे. सुमैया का कहना है कि जैसी कुप्रथा को खत्म किया जाए ताकि किसी मुस्लिम महिलाओं की जिंदगी से उसका शौहर खिलवाड़ ना कर सके. सुमैया के पिता नजमुद्दीन काजी का कहना है कि किसी भी मुस्लिम लड़की को निकाह से पहले लड़के वालों से लिखवा लेना चाहिए कि इस तरह दिए जाने वाले को वो नहीं मानेगी. उन्होंने कहा कि तीन तलाक को जायज ठहराने वालों को भी ये समझने की जरूरत है कि को कैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. नजमुद्दीन ने ये भी कहा कि ज़रूरत पड़ती है तो सरकार को इस मामले में नया कानून बनाना चाहिए.

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