टैंकर घोटाले पर शीला दीक्षित ने तोड़ी चुप्पी, कहा- फैसले में बीजेपी भी थी शामिल

दिल्ली के 'आप' सरकार द्वारा 21 संसदीय सचिव की नियुक्ति‍ पर पूर्व सीएम ने कहा कि नियम एक या दो संसदीय सचिव की नियुक्ति‍ का है. यकीनन यह 21 तो नहीं ही है.

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दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्ष‍ित दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्ष‍ित

स्‍वपनल सोनल / अशोक सिंघल

  • नई दिल्ली,
  • 17 जून 2016,
  • अपडेटेड 12:09 AM IST

दिल्ली में 400 करोड़ के वाटर टैंकर घोटाले में एलजी नजीब जंग ने जहां पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षि‍त के खिलाफ ACB जांच को मंजूरी दे दी है, वहीं शीला ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है.

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री ने 'आज तक' से खास बातचीत में कहा कि कॉन्ट्रैक्ट को लेकर उनकी सरकार ने जो फैसला किया, वह अकेले का नहीं था. शीला ने कहा, 'कॉन्ट्रैक्ट देने का निर्णय सामू‍हिक था, जिसमें बीजेपी भी शामिल थी. आम आदमी पार्टी उस समय नहीं थी. अगर होती तो वह भी इस निर्णय में सहभागिता करती.'

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'21 संसदीय सचिव नियम में नहीं'
दिल्ली की 'आप' सरकार द्वारा 21 संसदीय सचिवों की नियुक्ति‍ पर पूर्व सीएम ने कहा कि नियम एक या दो संसदीय सचिव की नियुक्ति‍ का है. यकीनन यह 21 तो नहीं ही है. उन्होंने कहा, 'चुनाव आयोग ने निर्णय किया है. वे लोग विधायक के तौर पर भी काम कर सकते हैं. सरकार में सिर्फ 7 मंत्री हैं और 21 संसदीय सचिव. मुझे लगता है कि इस मामले पर कुछ संतुलन बनाकर रखना चाहिए.'

एप बेस्ड प्रीमियम बस सर्विस को लेकर गोपाल राय से मंत्री पद छिनने के सवाल पर शीला ने कहा कि यह आम आदमी पार्टी का अंदरूनी मामला है. लिहाजा, वह कोई टिप्पणी नहीं करना चाहेंगी.

'सीएम प्रत्याशी बनाए जाने पर कोई जानकारी नहीं'
यूपी और पंजाब में विधानसभा चुनाव और यूपी में उनको कांग्रेस की ओर से सीएम प्रत्याशी बनाए जाने के सवाल शीला दीक्षि‍त ने कहा- 'पार्टी मुझे जो भी कार्य सौंपेगी, मुझे वह मंजूर होगा. फिलहाल, इस बारे में मेरी किसी से कोई बात नहीं हुई है. सीएम प्रत्याशी का निर्णय पार्टी आलाकमान का है और वही इस पर अंतिम मुहर लगाएगी.'

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सरकार की शिकायत पर एलजी की मुहर
गौरतलब है कि दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग ने 400 करोड़ रुपये के में पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) से जांच के लिए अपनी मंजूरी दे दी है. जंग ने गुरुवार को दिल्ली सरकार की शिकायत को एंटी करप्शन ब्यूरो के पास भेज दिया. इससे पहले, दिल्ली के जल संसाधन मंत्री कपिल मिश्रा ने कुछ दिन पहले एलजी को चिट्ठी लिखकर दिल्ली जल बोर्ड वॉटर टैंकर घोटाले के मामले में सीबीआई जांच शुरू करने और शीला दीक्षित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी.

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