कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गईं सुनीता आहूजा नाम की महिला ने मदद के लिए एक अपील जारी की है. सुनीता अपने पति दीपक आहूजा के साथ हिमालय की तरफ से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए आई थीं. यात्रा के दौरान उनकी तबीयत खराब हो गई. इसके बाद वह तीन दिन पहले नीचे आ गई थीं. सुनीता ने बताया कि वह किरोग में नीचे आई थीं. लेकिन इसके बाद आई बाढ़ में वह और उनके साथ मौजूद कई लोग फंस गए. अब उनके सामने सबसे बड़ी परेशानी यह है कि उन्हें आगे जाने या वहां से निकलने के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है.
सुनीता ने अपनी अपील में बताया कि बाढ़ आने के बाद वहां फंसे लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि उन्हें कहां जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि वहां किसी तरह की सूचना या जानकारी नहीं मिल रही है. उनके मुताबिक, वहां कई भारतीय नागरिक भी लापता हैं. स्थानीय नागरिक भी परेशान हैं और हालात सामान्य नहीं हैं. किसी को यह पता नहीं है कि किस रास्ते से जाना है और आगे जाने के लिए क्या करना है.
तबीयत बिगड़ी तो तीन दिन पहले नीचे आईं
सुनीता ने बताया कि वहां से निकलने के लिए परमिशन भी नहीं मिल रही है. ऐसे में वह और उनके साथ मौजूद दूसरे लोग फंस गए हैं और अपने घर वापस लौटने का रास्ता तलाश रहे हैं. सुनीता ने अपनी तबीयत को लेकर भी चिंता जताई है. उन्होंने बताया कि उनकी तबीयत खराब है और उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही है. ऐसे हालात में वहां रहना उनके लिए मुश्किल हो रहा है.
उन्होंने यह भी बताया कि वहां खाने-पीने की व्यवस्था नहीं है. वह और उनके साथ मौजूद दूसरे लोग काफी परेशान हैं. सुनीता ने कहा कि वो अपने घर और अपने देश से बहुत दूर हैं और उन्हें इस समय मदद की जरूरत है. सुनीता आहूजा ने भारत के प्रधानमंत्री से मदद की अपील की है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री चीन की सरकार से बात करें और वहां फंसे भारतीय नागरिकों के लिए रेस्क्यू की व्यवस्था कराएं.
उन्होंने कहा कि अगर रेस्क्यू संभव नहीं है तो कम से कम ऐसी परमिशन दिलाई जाए, जिससे वे लोग वहां से निकलकर अपने घर वापस आ सकें. सुनीता ने कहा कि वह अपने देश लौटना चाहती हैं और इसके लिए भारत सरकार से मदद की उम्मीद कर रही हैं. सुनीता ने अपने संदेश में उस जगह की जानकारी भी दी है, जहां वह फिलहाल ठहरी हुई हैं. उन्होंने बताया कि वह जियांगडाकांग होटल में हैं. यह होटल तिब्बत के न्यालम काउंटी में स्थित है.
सुनीता के मुताबिक, इस समय होटल में काफी लोग फंसे हुए हैं. उन्होंने बताया कि बाकी लोग भी अगले दिन वहां पहुंच जाएंगे. ऐसे में वहां मौजूद यात्रियों की संख्या और बढ़ सकती है. साथ ही उन्होंने मदद की अपील करते हुए कहा कि फंसे लोगों के लिए कोई परमिट निकाला जाए, जिससे वो सभी वहां से निकलकर अपने घर वापस जा सकें. उनका कहना है कि मौजूदा स्थिति में यात्रियों को यह भी स्पष्ट नहीं है कि आगे किस दिशा में जाना है.
सुनीता ने बताया कि वहां कई भारतीय नागरिक लापता भी हैं. उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग भी परेशान हैं और किसी को ठीक से जानकारी नहीं है कि हालात से कैसे बाहर निकला जाए. उनके मुताबिक, यात्रियों को न तो पर्याप्त जानकारी मिल रही है और न ही बाहर निकलने के लिए जरूरी परमिशन. ऐसे में सभी लोग मदद का इंतजार कर रहे हैं.
हिमस्खलन और भूकंप के बाद आई भीषण बाढ़
बताया गया है कि नेपाल में चीन-नेपाल सीमा के पास तिब्बत में हिमस्खलन और भूकंप के कारण भीषण बाढ़ आई है. इस घटना में कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग लापता हैं. इसी बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए पहुंचे कई यात्री भी प्रभावित हुए हैं. सुनीता आहूजा भी इन्हीं यात्रियों में शामिल हैं. उन्होंने वीडियो संदेश के जरिए अपनी परेशानी बताई और भारत सरकार से मदद की अपील की.
सुनीता ने कहा कि उनकी तबीयत खराब है, सांस लेने में परेशानी हो रही है और खाने-पीने की भी व्यवस्था नहीं है. उन्होंने प्रधानमंत्री से चीन सरकार से बातचीत करने की अपील की है, ताकि फंसे हुए भारतीय नागरिकों के लिए रेस्क्यू या घर लौटने की अनुमति की व्यवस्था हो सके. उन्होंने लोगों से भी मदद की अपील की है. सुनीता का कहना है कि वो अपने घर और देश से बहुत दूर हैं और इस समय उन्हें सिर्फ सुरक्षित तरीके से अपने घर वापस लौटने का रास्ता चाहिए.
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