'छात्रों की आवाज दबाई नहीं जा सकती', सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर भड़के राहुल-केजरीवाल

जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक के खिलाफ दिल्ली पुलिस के एक्शन पर विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरा है. आम आदमी पार्टी के चीफ अरविंद केजरीवाल से लेकर डिंपल यादव तक ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाया. पुलिस सोनम वांगचुक को लेकर अस्पताल गई है.

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राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल ने सरकार पर साधा निशाना (Photo: ITG) राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल ने सरकार पर साधा निशाना (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 4:17 PM IST

दिल्ली के जंतर-मंतर पर बेमियादी भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को 21वें दिन दिल्ली पुलिस वहां से उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई. दिल्ली पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई हाई कोर्ट के आदेश और डॉक्टरों की सलाह के आधार पर की गई. उन्हें वहां से हटाने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प भी हुई.

पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव और शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे समेत कई नेताओं ने आलोचना की है.

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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 'मोदी सरकार के मूल सिद्धांत असत्य और हिंसा हैं.सोनम वांगचुक जी को शांतिपूर्ण भूख हड़ताल के दौरान जंतर-मंतर से हटाया जाना गलत है. पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या जैसे मुद्दे भारत के भविष्य के लिए बेहद गंभीर हैं. कोई भी ताकत भारत के छात्रों और उन लोगों को, जो उनसे प्यार करते हैं और उन पर भरोसा करते हैं, इन मुद्दों को उठाने से नहीं रोक सकती.'


केजरीवाल ने साधा निशाना

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना की. उन्होंने लिखा,'इतना अहंकार ठीक नहीं है. उन्हें जबरन उठाने की बजाय मोदी सरकार को सोनम वांगचुक से बात करनी चाहिए थी. आंदोलन को कुचलने की बजाय देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था सुधारो.सोनम वांगचुक के साथ की गई ज़बरदस्ती मोदी सरकार की हार है.'

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वहीं, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि मोदी सरकार सोनम वांगचुक के संसद तक शांतिपूर्ण कूच के आह्वान से डर गई है. इसलिए सुबह-सुबह जंतर-मंतर पर पुलिस भेजकर युवाओं पर लाठीचार्ज कराया गया और सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल में भर्ती करा दिया गया, ताकि इस आंदोलन को कुचला जा सके.

उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च में देश के युवा, आम जनता और विभिन्न दलों के सांसद शामिल होने वाले हैं. मोदी जी को पता चल चुका है कि सोनम वांगचुक की आवाज अब देश में बहुत बड़ी बनने वाली है, इसलिए उसे दबाने की कोशिश की जा रही है.

संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर भी सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा कि 'ये क्या गुंडागर्दी चल रही है? मोदी जी, सत्ता का अहंकार ज्यादा दिन नहीं चलता. जिस युवा पर लाठी चला रहे हो, यही आपका तख्त उखाड़ेगा. एक शख्स जो पिछले 21 दिनों से आमरण अनशन पर है, उसकी मांगें सुनने के बजाय उसे जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया गया.'

डिंपल यादव और आदित्य ठाकरे ने भी घेरा

समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने भी इस कार्रवाई पर सरकार को घेरते हुए कहा कि सोनम वांगचुक जी को जबरन हटाना सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को कुचलना है. भाजपा सरकार को अब शांतिपूर्ण विरोध भी बर्दाश्त नहीं है। यह तानाशाही है.'

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वहीं, शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि'कितनी शर्मनाक बात है. पूरी दुनिया भारत में लोकतंत्र को बलपूर्वक और बेशर्मी से कुचलते हुए देख रही है. एक अक्षम मंत्री के खिलाफ छात्रों का शांतिपूर्ण विरोध भी अब बर्दाश्त नहीं किया जा रहा है.'

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