भाजपा नेता और पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी ने जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के प्रदर्शन को लेकर बड़ा बयान दिया है. कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से नीट पेपर लीक मामले को लेकर यह प्रदर्शन शुरू किया गया था. अब इसको लेकर बिधूड़ी ने कहा है कि जंतर-मंतर पर पंचर और चाबी बनाने वाले अधिक थे. उन्होंने कहा कि 'आपको पता ही है, पंचर और चाबी बनाने वाले कौन हैं.'
रमेश बिधूड़ी ने कहा कि 'पंचर लगाने वाले ज्यादा थे और ताला बनाने वाले वहां ज्यादा थे. छात्र लोग वहां कम थे. क्या भारत की बेटी या बेटा मोदी जी को गाली दे सकता है क्या? वो पंचर लगाने वालों की ही औलादें होंगी, पंचर लगाने वालों के ही खानदान होंगे, जो मोदी जी के बारे में इस प्रकार की बातों का उपयोग कर रहे थे.'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (31 जुलाई) देर रात जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर एक संदेश दिया था. रात करीब 11 बजे के बाद पीएम मोदी इंस्टाग्राम पर लाइव आए और Gen-Z को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने प्रदर्शन में कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने वाले छात्रों को माफ करने की बात कही थी. पीएम मोदी ने कहा था, 'फ्रेंड्स. आज तो मन करता है बस आपसे ही बातें करूं. जंतर-मंतर पर जो कुछ भी हुआ, देश और दुनिया ने देखा है. कुछ शरारती बच्चों ने भद्दी-भद्दी गालियां बोलीं, जो किसी भी सभ्य समाज को शोभा नहीं देतीं. ऐसे शब्दों का प्रयोग किया गया. मुझे तो गालियां दी गईं, मेरी स्वर्गीय माता को भी गालियां दी गईं.'
छात्रों से लेकर विपक्ष तक की मांग में था धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
नीट पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष और विभिन्न राजनीतिक दल लगातार तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से निकाले गए 'चलो संसद' मार्च के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इसके बाद देश के कई हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन जारी रहे.
इससे पहले सरकारी सूत्रों के हवाले से खबर सामने आई थी कि धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे, लेकिन बाद में उन्होंने इस्तीफा दे दिया. वहीं, छात्रों के गुस्से को शांत करने की कोशिश के तहत सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के 47 कर्मचारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की थी.
आशुतोष कुमार