झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर बीजेपी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर हमला तेज कर दिया है. बीजेपी ने पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी पर ‘दोहरा रवैया’ अपनाने का आरोप लगाया है. पार्टी नेताओं का कहना है कि दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने जिस तरह खुलकर हस्तक्षेप किया था, उसी तरह का रुख उन्होंने झारखंड के रांची में हुए छात्रों के आंदोलन को लेकर नहीं अपनाया.
बीजेपी नेता दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी की सक्रियता और झारखंड के आंदोलन को लेकर उनके रुख की तुलना कर रहे हैं. बीजेपी नेताओं ने खास तौर पर 21 जुलाई को प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए प्रदर्शन का जिक्र किया. उनका सवाल है कि जब झारखंड में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं और वहां कांग्रेस सत्ता में शामिल है, तो राहुल गांधी ने उसी तरह खुलकर उनका समर्थन क्यों नहीं किया.
बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी ने झारखंड सरकार से प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ बल प्रयोग करने को कहा था. वहीं, राज्यसभा सांसद जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर रांची के प्रदर्शन को लेकर ‘मूक दर्शक’ बने रहने का आरोप लगाया.
कांग्रेस ने आरोपों को किया खारिज
हालांकि, कांग्रेस ने बीजेपी के इन आरोपों को खारिज किया है. पार्टी का कहना है कि राहुल गांधी ने लगातार प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया है. कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, राहुल गांधी ने पुलिस की कथित कार्रवाई की निंदा की, छात्र प्रतिनिधियों से बात की और झारखंड कांग्रेस के नेताओं को छात्रों से बातचीत कर गतिरोध खत्म कराने के निर्देश दिए.
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि वह छात्रों के संपर्क में रहे हैं. कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि राहुल गांधी ने उसी शाम छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की थी. उन्होंने बीजेपी पर रांची के आंदोलन की तुलना दिल्ली के प्रदर्शनों से चुनिंदा तरीके से करने का आरोप लगाया.
तुलना नहीं की जा सकती है
कांग्रेस का कहना है कि दोनों प्रदर्शनों की तुलना नहीं की जा सकती. पार्टी के एक सांसद ने इंडिया टुडे से कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पेलेट गन और स्पाइक्स जैसे उपायों का इस्तेमाल किया गया था, जबकि झारखंड सरकार शुरुआत से ही छात्रों से बातचीत कर रही थी.
कांग्रेस से जुड़े संगठनों NSUI और सेवा दल ने भी प्रदर्शन कर रहे छात्रों को समर्थन दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, टकराव के बाद करीब 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं, कथित गड़बड़ी के आरोपों में अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने झारखंड पुलिस और उसके ‘राजनीतिक आकाओं’ की आलोचना की. उन्होंने कहा कि छात्रों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है और गतिरोध का समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए.
छात्रों का समर्थन
इस पूरे विवाद ने राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से मुश्किल स्थिति में डाल दिया है. बीजेपी उनके रुख को ‘सुविधा की राजनीति’ के उदाहरण के तौर पर पेश कर रही है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी छात्रों के समर्थन में हैं, लेकिन वह सीधे आंदोलन में शामिल होने के बजाय राज्य नेतृत्व के जरिए हस्तक्षेप कर रहे हैं, क्योंकि कांग्रेस झारखंड की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार में शामिल है.
झारखंड में सरकार की स्थिति
झारखंड सरकार का नेतृत्व जेएमएम नेता हेमंत सोरेन कर रहे हैं. 81 सदस्यीय विधानसभा में जेएमएम के 34 और कांग्रेस के 16 विधायक हैं. सत्तारूढ़ गठबंधन में आरजेडी और सीपीआई (एमएल) लिबरेशन भी शामिल हैं. 2024 के विधानसभा चुनाव में इस गठबंधन ने 56 सीटें जीती थीं.
राहुल गौतम