Batla House Encounter में शामिल रहे पुलिस सब इंस्पेक्टर की हादसे में मौत, मिला था राष्ट्रपति पदक

बाटला हाउस एनकाउंटर में शामिल रहे पुलिस सब इंस्पेक्टर की हादसे में मौत हो गई है. उन्हें राष्ट्रपति पदक सहित कई बड़े पुरस्कार भी मिले थे. दिल्ली के बाबा हरिदास नगर इलाके में 28 दिसंबर को हुए सड़क हादसे में पुलिस सब इंस्पेक्टर संजीव कुमार घायल हो गए थे, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई. पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौंप दिया है.

Advertisement
संजीव कुमार.   (FILE) संजीव कुमार. (FILE)

तनसीम हैदर

  • नई दिल्ली,
  • 01 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 12:58 PM IST
  • 28 दिसंबर को बाबा हरिदास नगर थाने के सामने हो गया था एक्सीडेंट
  • तेज रफ्तार बाइक ने मार दी थी टक्कर

बाटला हाउस एनकाउंटर में शामिल रहे पुलिस सब इंस्पेक्टर की हादसे में मौत हो गई है. उन्हें राष्ट्रपति पदक सहित कई बड़े पुरस्कार भी मिले थे. दिल्ली के बाबा हरिदास नगर इलाके में 28 दिसंबर को हुए सड़क हादसे में पुलिस सब इंस्पेक्टर संजीव कुमार घायल हो गए थे, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई. पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौंप दिया है.

Advertisement

गौरतलब है कि 52 साल के संजीव कुमार बाटला हाउस मुठभेड़ में शामिल रहे थे. उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक और गैलंट्री मेडल से भी नवाज़ा जा चुका है. एसआई संजीव कुमार 28 दिसंबर को बाबा हरिदास नगर थाने के सामने अपनी कार खड़ी कर पैदल रास्ते से ही सड़क पार कर रहे थे. इस दौरान सामने से आ रही तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी थी, जिसके बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

बाइक पर सवार थे तीन युवक

हैरानी की बात यह है कि जब जांच हुई तो पता चला कि बाइक पर तीन युवक सवार थे, वह बगैर हेलमेट लगाए जा रहे थे. यह युवक भी हादसे में घायल हुए थे, लेकिन संजीव को ज्यादा चोट आई थी. उनके सिर में भी गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद उनको वेंकटेश अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.

Advertisement

कई बड़े ऑपरेशंस को दिया था अंजाम

सब इंस्पेक्टर संजीव जनकपुरी के पास ही पोशनगीपुर गांव के रहने वाले थे. संजीव कुमार के परिवार में दो बेटियों और पत्नी हैं. संजीव कुमार को दिल्ली पुलिस की तरफ से 2 बार आउट ऑफ टर्न प्रमोशन भी मिल चुका है. संजीव कुमार ने बाटला हाउस में एनकाउंटर के दौरान शहीद इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा के साथ बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था, वो सक्रिय रूप से मुठभेड़ में शामिल रहे थे. वो करीब 28 साल तक स्पेशल सेल में तैनात रहे और कई बड़े ऑपरेशंस को अंजाम दिया.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »