'फील द फुटपाथ' अभियान में शामिल होकर सिसोदिया ने फुटपाथ पर जिंदगी गुजारने का दर्द किया महसूस

फुटपाथ पर जिंदगी गुजारने के दर्द को महसूस करने के लिए मरहम नाम के एनजीओ ने 'फील द फुटपाथ' का आयोजन किया. इस कार्यक्रम में दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी हिस्सा लिया.'फील द फुटपाथ' की शुरुआत शनिवार को रात 8 बजे हुई.

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'फील द फुटपाथ' कार्यक्रम में शामिल हुए मनीष सिसोदिया 'फील द फुटपाथ' कार्यक्रम में शामिल हुए मनीष सिसोदिया

पंकज जैन

  • नई दिल्ली,
  • 09 अक्टूबर 2016,
  • अपडेटेड 7:39 AM IST

देश की राजधानी में फुटपाथ पर रात गुजारने वालों के लिए कमी नहीं है. इसकी बड़ी वजह है कि दिल्ली से सटे राज्यों से हजारों लोग रोजगार की तलाश में यहां आते हैं. बेरोजगारी और पर्याप्त रुपये न होने पर वो फुटपाथ को ही अपना आशियाना बना लेते हैं.

फुटपाथ पर जिंदगी गुजारने के दर्द को महसूस करने के लिए मरहम नाम के एनजीओ ने 'फील द फुटपाथ' का आयोजन किया. इस कार्यक्रम में दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री ने भी हिस्सा लिया. 'फील द फुटपाथ' की शुरुआत शनिवार को रात 8 बजे हुई. जिसका मकसद फुटपाथ पर रहने वाले बेघरों की जिंदगी को बेहतर बनाना है. इस दौरान एनजीओ के लोगों ने आम लोगों से दिल्ली के बेघर लोगों के बारे में चर्चा की. मरहम एनजीओ के अध्यक्ष इरतजा ने 'आज तक' को बताया कि 10 अक्टूबर को विश्व बेघर दिवस है. दिल्ली में डेढ़ से दो लाख बेघर लोग हैं. फील द फुटपाथ का मकसद है कि लोग सहूलियत से बाहर निकलें. सड़क पर आएं और एक रात झेलें की बेघर लोगों को कितनी दिक्कत झेलनी पड़ती है.'

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भी शनिवार की रात इस मुहिम में समर्थन करने के लिए शहीदी पार्क पहुंचे. सिसोदिया ने फुटपाथ पर वक्त गुजारने के बाद ट्विटर पर जानकारी देते हुए लिखा कि 'वर्ल्ड होमलेस डे के मौके पर दिल्ली के कुछ लोग आज की रात पर गुज़ार रहे हैं. 'फील द फुटपाथ' का आयोजन कर रहे मरहम ऑर्गेनाइजेशन ने कई साल से फुटपाथ पर सोने वाले लोगों जिंदगी बदल दी है. उनके प्रयास को सलाम.

मरहम एनजीओ ने बताया कि अब तक उनके एनजीओ ने 11 लोगों को फुटपाथ से अडॉप्ट किया और उनकी जिंदगी को बेहतर बना रहे हैं. पढ़ाने लिखाने के अलावा उन लोगों को स्किल्ड बनाने की भी ट्रेनिंग दी जा रही है. जिससे वो अपनी जिंदगी को बेहतर बना सकें. मरहम एनजीओ के अध्यक्ष इरतजा ने बताया कि 'डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया यहां करीब आधा घण्टा रुके. हमने उन्हें मॉडल बताया तो उन्होंने कहा कि ये वो दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) में लाने की कोशिश करेंगे. ताकि बेघर लोगों को घर मिल सके.'

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