दिल्ली-एनसीआर में कल आंधी-बारिश के साथ मौसम में एक बार फिर राहत देखने को मिली लेकिन मॉनसून की असली दस्तक अभी भी राजधानी से दूर बनी हुई है. तेज आंधी और हल्की बारिश के बीच लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन गर्मी और उमस से पूरी तरह छुटकारा नहीं मिल पाया है. मौसम के इस उतार-चढ़ाव ने मॉनसून के इंतजार को और लंबा कर दिया है.
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्री-मॉनसून गतिविधियां सक्रिय हैं. उत्तरी मैदानी क्षेत्रों में कई छोटे स्तर की चक्रवाती परिस्थितियां बनी हुई हैं, जिनके चलते कहीं-कहीं तेज हवाएं और हल्की बारिश देखने को मिल रही है हालांकि यह सिस्टम मॉनसून को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त मजबूत नहीं है.
स्काईमेट के मुताबिक, हरियाणा, पंजाब और उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश में बने अलग-अलग लो-प्रेशर और सर्कुलेशन सिस्टम के कारण एक ट्रफ लाइन दिल्ली के उत्तर से गुजर रही है. यह ट्रफ राजधानी के करीब होने के बावजूद मॉनसून को खींचने में असमर्थ दिख रही है. इसी वजह से दिल्ली में केवल बिखरी हुई और हल्की बारिश ही दर्ज की जा रही है.
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 29 जून तक रुक-रुककर दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है. अधिकांश बारिश देर शाम और रात के समय होने की संभावना है. हालांकि यह बारिश 5 मिमी से कम रहने का अनुमान है, जिससे तापमान में कोई बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिलेगी.
दिन के समय तेज हवाओं और कम बादलों के कारण तापमान एक बार फिर बढ़कर करीब 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. इससे लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है.
दिल्ली में 1 जून से अब तक बारिश सामान्य से काफी कम दर्ज की गई है, जिससे मॉनसून की कमी और ज्यादा महसूस हो रही है. जहां जून में औसतन अच्छी बारिश होती है, वहीं इस बार आंकड़े काफी पीछे चल रहे हैं.
सामान्य तौर पर 27 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दिल्ली पहुंचने का अनुमान रहता है, लेकिन इस बार इसके जुलाई के पहले हफ्ते में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. पिछले चार सालों में भी मॉनसून लगातार जून के आखिरी दिनों में ही राजधानी में दाखिल हुआ है.
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बीते एक दशक में सबसे देर से मॉनसून 13 जुलाई 2023 को दिल्ली पहुंचा था. इस बार भी स्थिति कुछ वैसी ही बनती दिख रही है.
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