दीपावली के पावन अवसर पर हर कोई अपने घर को फूलों से सजाने की तैयारी में जुटा है. इसी खरीदारी के चलते दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख बाजारों में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है. लेकिन पूर्वी दिल्ली स्थित गाजीपुर फूल मंडी के बाहर दीपावली की यही रौनक आम लोगों के लिए भारी मुसीबत का कारण बन गई है.
गाजीपुर फूल मंडी के बाहर नेशनल हाईवे-24 पर गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं. हालांकि प्रशासन की ओर से फूल मंडी के अंदर खरीदारी के लिए अलग से व्यवस्था की गई है, इसके बावजूद फूल विक्रेताओं ने हाईवे के बाहर सड़क किनारे ही अपनी दुकानें सजा ली हैं.
वहीं, दूर-दराज से फूल खरीदने आ रहे लोग अपनी गाड़ियों को सड़क पर ही बेतरतीब ढंग से पार्क कर रहे हैं. इस अव्यवस्था का नतीजा ये हुआ है कि नेशनल हाईवे-24 पर करीब 5 किलोमीटर लंबा भयंकर ट्रैफिक जाम लग गया है.
ट्रैफिक पुलिस नदारद, खुद जाम हटवा रहे लोग
वाहन चालक घंटों से इस जाम में फंसे हुए हैं और लोगों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. घटनास्थल पर मौजूद रहने के बावजूद करीब एक घंटे तक वहां न तो कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी दिखाई दिया और न ही दिल्ली पुलिस का कोई जवान नजर आया. स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि मजबूर होकर आम लोग खुद ही ट्रैफिक पुलिस की भूमिका निभा रहे हैं और गाड़ियों को निकलवाने की कोशिश कर रहे हैं.
इस भारी जाम के बीच मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस और शव वाहन तक घंटों फंसे रहे. एमरजैंसी सेवाओं के इस तरह अटक जाने से प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं.
अब सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि जब गाजीपुर फूल मंडी के भीतर खरीदारी के लिए पर्याप्त जगह और व्यवस्था मौजूद है, तो फिर नेशनल हाईवे पर दुकानें लगाने और गाड़ियों को पार्क करने की इजाजत किसने दी?
यह भी पढ़ें: धनतेरस की शाम, सड़क पर रहा ट्रैफिक जाम... कैब बुकिंग में भी ज्यादा दाम
क्या दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस को हाईवे पर बने इस भयंकर जाम की कोई जानकारी नहीं है? क्या त्योहारों के इस समय में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है?
अमरजीत सिंह