दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर को हुए बिल्डिंग हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) एक्शन मोड में है. हादसे के बाद पिछले दो दिनों में MCD ने करीब 1100 PG का सर्वे किया है. इन PG में करीब 20,250 छात्र रहते हैं. इस दौरान अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन को लेकर कई संपत्तियों के खिलाफ डिमोलिशन और सीलिंग की कार्रवाई भी की गई है.
MCD की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले दो दिनों में 24 संपत्तियों पर डिमोलिशन की कार्रवाई की गई है, जबकि 7 संपत्तियों को सील किया गया है. इसके अलावा अलग-अलग मामलों में 35 शो-कॉज नोटिस जारी किए गए हैं.
27 संपत्तियों को गिराने का आदेश
नगर निगम ने दो दिनों में 6 सीलिंग शो-कॉज नोटिस भी जारी किए हैं. इसके साथ ही 27 संपत्तियों के डिमोलिशन ऑर्डर जारी किए गए हैं. MCD की कार्रवाई ऐसे समय में तेज हुई है, जब सत्य निकेतन में हुए हादसे के बाद इमारतों और PG की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
सत्य निकेतन में बगल की इमारत गिराने का काम शुरू
इस बीच, सत्य निकेतन में 6 सितंबर को गिरी इमारत से सटी बिल्डिंग को गिराने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है. हादसे के बाद इस इमारत की मजबूती को लेकर चिंता जताई गई थी.
इससे पहले MCD कमिश्नर संजीव खिरवार ने कहा था कि हादसे वाली इमारत से सटी बिल्डिंग कमजोर हो गई है. इसे सावधानी और चरणबद्ध तरीके से गिराया जाएगा. उन्होंने कहा था कि अगले एक-दो दिनों में इस इमारत को गिराने की कार्रवाई की जाएगी.
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD अब राजधानी में PG और इमारतों की जांच कर रहा है. निगम का फोकस यह पता लगाने पर है कि संबंधित संपत्तियों में निर्माण और संचालन के दौरान निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं.
दिल्ली के सभी 12 जोन में चला अभियान
MCD का यह अभियान दिल्ली के सभी 12 जोन में चलाया जा रहा है. जिन प्रमुख इलाकों में कार्रवाई हुई है, उनमें लक्ष्मी नगर, विश्वास नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, तिलक नगर, करमपुरा, करोल बाग, रमेश नगर, मानसरोवर गार्डन, चांदनी चौक और नेहरू विहार समेत कई इलाके शामिल हैं.
दिल्ली में हर PG की होगी मैपिंग
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD कमिश्नर ने दिल्ली में चल रहे प्रत्येक PG की मैपिंग करने के निर्देश दिए हैं. इसके तहत PG के तौर पर इस्तेमाल की जा रही प्रॉपर्टी की पहचान की जाएगी. साथ ही यह जांच की जाएगी कि इन इमारतों में बिल्डिंग और नगर निगम से जुड़े नियमों तथा सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है या नहीं.
इस कवायद में उन PG पर खास फोकस रहेगा, जहां बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं. MCD सर्वे, मैपिंग और निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित प्रॉपर्टी के खिलाफ कार्रवाई करेगा.
अवैध पांचवीं मंजिल मिली तो तुरंत होगी कार्रवाई
MCD कमिश्नर ने इमारतों में अनधिकृत रूप से बनाई जा रही पांचवीं मंजिल को लेकर भी सख्त निर्देश दिए हैं. अगर किसी निर्माणाधीन इमारत में अवैध रूप से पांचवीं मंजिल बनती मिली तो उसे तत्काल तोड़ा जाएगा.
वहीं, पहले से बनी इमारतों में मौजूद पांचवीं मंजिल की भी MCD अधिकारी जांच करेंगे. जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
तीन महीनों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई
दिल्ली में अवैध निर्माण के खिलाफ नगर निगम (MCD) ने पिछले तीन महीनों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है. MCD की ओर से जारी एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) के मुताबिक, 1 जून से 31 अगस्त के बीच अवैध निर्माण के खिलाफ 959 संपत्तियों पर डिमोलिशन की कार्रवाई की गई.
वहीं, 1 जून से 8 सितंबर के बीच 471 संपत्तियों को सील किया गया है. MCD की रिपोर्ट के मुताबिक, अनधिकृत निर्माण के मामलों में 1 जून से 8 सितंबर के बीच 1551 UC (Unauthorized Construction) शो-कॉज नोटिस जारी किए गए. इसी अवधि में निगम ने 753 डिमोलिशन ऑर्डर भी जारी किए.
8 सितंबर को 17 संपत्तियों पर डिमोलिशन
रिपोर्ट के मुताबिक, 8 सितंबर को भी अवैध निर्माण के खिलाफ MCD की कार्रवाई जारी रही. एक ही दिन में 17 संपत्तियों पर डिमोलिशन की कार्रवाई की गई, जबकि 5 संपत्तियों को सील किया गया. इसके अलावा 8 सितंबर को अनधिकृत निर्माण से जुड़े 9 शो-कॉज नोटिस और सीलिंग से संबंधित 2 शो-कॉज नोटिस जारी किए गए.
MCD की यह कार्रवाई राजधानी में अनधिकृत निर्माण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है. निगम की ओर से जारी आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले तीन महीनों में सैकड़ों संपत्तियों के खिलाफ डिमोलिशन और सीलिंग की कार्रवाई की गई है.
मौसमी सिंह / पीयूष मिश्रा