नई दिल्ली में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इसे देखते हुए दिल्ली सरकार के मेडिकल विभाग ने नई एडवाइजरी जारी की है. लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है. विभाग ने कहा है कि लोग भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें और सांस से जुड़ी बीमारी के लक्षण दिखने पर समय पर डॉक्टर से सलाह लें.
दिल्ली में इस साल अब तक 2602 इन्फ्लुएंजा के मामले सामने आ चुके हैं. इनमें 2392 मामले Influenza-A के हैं. वहीं 210 मामले Influenza-B के हैं. Influenza-A में H1N1 के 1777 मामले मिले हैं. शुक्रवार तक के आंकड़ों के अनुसार गुरुवार को ही 114 H1N1 मरीज सामने आए.
खांसते और छींकते समय बरतें सावधानी
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से कहा है कि खांसते और छींकते समय मुंह और नाक को ढकें. हाथों को साबुन और पानी से लगातार साफ करते रहें. भीड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें.
सांस से जुड़ी बीमारी से पीड़ित लोगों से नजदीकी संपर्क से बचने की सलाह दी गई है. लोगों को आंख और नाक को बार-बार छूने से भी बचना चाहिए. सार्वजनिक जगहों पर थूकने से मना किया गया है. शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेने की सलाह दी गई है.
अगर बुखार, खांसी, गले में दर्द, सांस लेने में परेशानी, शरीर में दर्द या सिरदर्द जैसे लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से संपर्क करें. स्वास्थ्य विभाग ने बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने से बचने को कहा है.
गुरुवार को सामने आए 159 नए मामले
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक गुरुवार को दिल्ली में इन्फ्लुएंजा के 159 नए मामले मिले. इनमें 155 मामले Influenza-A के थे. इनमें 114 H1N1, दो H1, एक H3 और 38 अन्य Influenza-A के मामले शामिल हैं. इसके अलावा Influenza-B के चार मामले सामने आए.
इस साल अब तक H1N1 के 1777 मामले मिले हैं. H1 के 37 और H3 के 138 मामले भी सामने आए हैं. अन्य Influenza-A के 440 मामले दर्ज किए गए हैं. Influenza-B में 200 मामले Victoria स्ट्रेन के हैं. 10 मामले अन्य स्ट्रेन के हैं.
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि राजधानी में मौसमी फ्लू से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं. अस्पतालों में बेड, डॉक्टर, दवाएं और जरूरी मेडिकल उपकरण उपलब्ध हैं. स्वास्थ्य विभाग ने 35 अस्पतालों को विशेष निगरानी में रखा है. AIIMS और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल यानी NCDC में दो रेफरल लैब भी तय की गई हैं.
मरीजों की पहचान और इलाज को लेकर तकनीकी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. इनमें मरीजों की स्थिति के हिसाब से इलाज, वेंटिलेटर की जरूरत, मास्क के इस्तेमाल और घर पर देखभाल से जुड़ी जानकारी शामिल है.
राजधानी में रोज हो रही मामलों की निगरानी
स्वास्थ्य विभाग Influenza, ILI और SARI के मामलों की रोज निगरानी कर रहा है. इसका डेटा इंटीग्रेटेड हेल्थ इनफॉर्मेंशन प्लेटफॉर्म (IHIP) पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है. रोज की स्थिति की रिपोर्ट तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जा रही है.
अस्पतालों में मरीजों को जागरूक करने के लिए मेडिकल कॉन्फ्रेंस भी की जा रही है. अस्पतालों और स्थानीय निकायों को बीमारी से बचाव की जानकारी वाला प्रचार सामग्री भी दी गई है. 20 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक भी हुई थी. इसमें MCD, NDMC, कैंटोनमेंट बोर्ड, शिक्षा विभाग और DDA के अधिकारी शामिल हुए. सभी विभागों को लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए.
बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा सावधानी की जरूरत
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मौसमी फ्लू एक सांस से जुड़ी बीमारी है. यह इन्फ्लुएंजा वायरस से फैलती है. छोटे बच्चों और दूसरी बीमारियों से जूझ रहे बुजुर्गों को इससे ज्यादा खतरा हो सकता है.
भारत में आमतौर पर मौसमी फ्लू के दो बड़े दौर आते हैं. पहला जनवरी से मार्च के बीच रहता है. दूसरा मानसून के बाद आता है. इस साल दिल्ली में H1N1 सबसे ज्यादा फैल रहा है. पिछले साल H3N2 के मामले ज्यादा थे. स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है और जरूरत के अनुसार अस्पतालों की व्यवस्था मजबूत की जा रही है.
aajtak.in