दिल्ली विधानसभा के मॉनसून सत्र में हंगामा, AAP के 5 विधायकों को उठा ले गए मार्शल

दिल्ली विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन सदन में बीजेपी और आम आदमी पार्टी के विधायकों के बीच जमकर बहस हुई. नारेबाजी और पोस्टर लहराने के बाद आप के पांच विधायकों को मार्शल के जरिए सदन से बाहर निकाल दिया गया. वहीं विपक्ष ने स्वास्थ्य क्षेत्र में 650 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के इस्तीफे की मांग की.

Advertisement
दिल्ली विधानसभा का मॉनसून सत्र 11 अगस्त तक चलेगा. (Photo- ITGD) दिल्ली विधानसभा का मॉनसून सत्र 11 अगस्त तक चलेगा. (Photo- ITGD)

सुशांत मेहरा

  • नई दिल्ली,
  • 07 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:03 PM IST

दिल्ली विधानसभा का मॉनसून सत्र शुक्रवार से शुरू हो गया है, जो 11 अगस्त तक चलेगा. सत्र के पहले ही दिन सदन में बीजेपी और आम आदमी पार्टी के विधायकों के बीच झड़प देखने को मिली. भारी हंगामे के बाद आप के पांच विधायकों को मार्शल के जरिए सदन से बाहर निकाल दिया गया.

मॉनसून सत्र की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम से हुई. इस मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा, 'दिल्ली विधानसभा का मॉनसून सत्र आज वंदे मातरम के साथ शुरू हुआ. वंदे मातरम भारत की राष्ट्रीय चेतना और मातृभूमि के प्रति भक्ति की शाश्वत अभिव्यक्ति है.'

Advertisement

रेखा गुप्ता ने आगे कहा कि विधानसभा में वंदे मातरम की गूंज राष्ट्र को सर्वोपरि रखने और जनकल्याण, सुशासन और एक विकसित दिल्ली के लिए समर्पण भाव से काम करने के हमारे संकल्प को नया बल देती है.

स्वास्थ्य घोटाले के पोस्टर दिखाए, सीएम के इस्तीफे की मांग

सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दल आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. आप विधायकों ने सरकार पर स्वास्थ्य क्षेत्र में 650 करोड़ रुपये की गड़बड़ी और घोटाले का आरोप लगाते हुए पोस्टर लहराए. विपक्षी सदस्यों ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की.

सदन में लगातार हंगामे और रुकावटों को देखते हुए अध्यक्ष ने पांच आप विधायकों को सदन से बाहर कर दिया. मार्शल ने आप विधायक संजीव झा, सोम दत्त, विशेष रवि, कुलदीप कुमार और जरनैल सिंह को उठाकर सदन से बाहर कर दिया. लगातार जारी हंगामे की वजह से अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.

Advertisement

प्रश्नकाल को लेकर बीजेपी और आप में बहस

सत्र के दौरान प्रश्नकाल के लिए समय न दिए जाने के मुद्दे पर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक हुई. आप के मुख्य सचेतक संजीव झा और जरनैल सिंह सहित पार्टी विधायकों ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार जवाबदेही से भाग रही है और प्रश्नकाल की इजाजत नहीं दे रही है.

इस पर पलटवार करते हुए कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि आप सरकार के पांच सालों के कार्यकाल में विधानसभा की 74 बैठकों में सिर्फ 9 बार ही प्रश्नकाल हुआ था, जबकि 2024 में अपने आखिरी साल में उन्होंने एक भी प्रश्नकाल नहीं कराया. 

प्रवेश साहिब सिंह ने कहा, 'बेशर्मी की भी एक हद होती है. विपक्ष को दुख है कि ये सरकार जनता के लिए काम कर रही है. उन्होंने आप पर चुटकी लेते हुए कहा कि वो पहले जाकर अपने नेता प्रतिपक्ष को ढूंढें.

यह भी पढ़ें: AAP ने प्रवेश वर्मा की तस्वीरों को बताया फर्जी, आतिशी और संजय सिंह ने LG-CM को दी खुली चुनौती

आतिशी की गैर-मौजूदगी पर कपिल मिश्रा का तंज

सदन में नेता प्रतिपक्ष आतिशी की गैरमौजूदगी को लेकर पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने तंज कसते हुए कहा कि आतिशी मॉनसून सत्र के पहले दिन मौजूद नहीं हैं और गोवा में छुट्टियां मना रही हैं. इस बयान पर आप विधायकों ने विरोध जताया.

Advertisement

इसी हंगामे के बीच पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने दिल्ली विधानसभा में 'बेड एंड ब्रेकफास्ट एस्टेब्लिशमेंट रिपील बिल 2026' पेश किया. ये बिल दिल्ली में पुरानी बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना को वापस लेने के मकसद से लाया गया है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »