ग्रैप-2 लागू होने के बाद भी नहीं सुधरी दिल्ली की हवा, रोहिणी समेत 7 इलाकों में AQI 400 पार

दिल्ली में ग्रैप-2 लागू होने के बावजूद हवा की गुणवत्ता में कोई सुधार देखने को नहीं मिल रहा है. सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसा रोहिणी, अलीपुर, पंजाबी बाग और विवेक विहार जैसे कई इलाकों में AQI 400 के पार दर्ज किया गया है.

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रोहिणी में एयर क्वालिटी इंडेक्स 429 दर्ज किया गया. (Photo: ITG) रोहिणी में एयर क्वालिटी इंडेक्स 429 दर्ज किया गया. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:41 AM IST

दिल्ली में ग्रैप यानी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान का स्टेज-2 लागू कर दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद हवा की गुणवत्ता में कोई सुधार देखने को नहीं मिल रहा है. सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का ओवरऑल एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 331 दर्ज किया गया है, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है. सबसे गंभीर स्थिति जहांगीरपुरी में दर्ज की गई, जहां AQI का स्तर 449 तक पहुंच गया है.

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इसके अलावा रोहिणी, अलीपुर, पंजाबी बाग और विवेक विहार जैसे कई इलाकों में AQI 400 के पार 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज हुआ है.

यहां देखें अलग-अलग इलाकों का AQI:

  • नरेला : 406
  • रोहिणी : 429
  • जहांगीरपुरी : 449
  • पंजाबी बाग : 424
  • विवेक विहार : 410
  • अलीपुर : 413
  • बवाना : 403
  • ओखला फेज 2 : 352
  • मंदिर मार्ग : 368
  • मुंडका : 396
  • ITO : 373

बता दें, 0 से 50 के बीच AQI को 'अच्छा', 51 से 100 को 'संतोषजनक', 101 से 200 को 'मध्यम', 201 से 300 को 'खराब', 301 से 400 को 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच AQI को 'गंभीर' माना जाता है.

इस बीच अगर नोएडा में AQI की बात करें तो मंगलवार को सेक्टर 62 में AQI 404 दर्ज किया गया, जो 'गंभीर' श्रेणी में आता है. इसके अलावा सेक्टर 39 में 365 और सेक्टर 150 में 343 AQI है, जबकि सेक्टर 116 में AQI 272 दर्ज किया गया है.

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ग्रैप स्टेज-2

बता दें, ग्रैप स्टेज-2 में प्रदूषण से निपटने के लिए सरकारी एजेंसियां पहले से ज्यादा सख्ती बरतेंगी. सड़कों पर रोजाना मैकेनिकल और वैक्यूम स्वीपिंग के जरिए सफाई की जाएगी. धूल रोकने के लिए पानी के साथ डस्ट सप्रेसेंट का छिड़काव किया जाएगा.

प्रदूषण के हॉटस्पॉट वाले इलाकों में विशेष अभियान चलाए जाएंगे और निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों का पालन कराने के लिए निरीक्षण बढ़ाया जाएगा.

प्राइवेट वाहनों का इस्तेमाल कम करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाया जाएगा. लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने और जिनके काम की प्रकृति अनुमति देती है, उन्हें वर्क फ्रॉम होम करने की सलाह दी गई है. कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर निर्धारित पाबंदियां लागू की जाती हैं.

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