100 वीडियो, 2873 चेहरे और 989 आदतन अपराधी, कॉकरोच प्रोटेस्ट हिंसा में दिल्ली पुलिस जांच का चौंकाने वाला खुलासा

दिल्ली में कॉकरोच प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस पर हुए हमले की जांच में 100 सीसीटीवी और वायरल वीडियो का विश्लेषण किया गया. जांच में 2,873 लोगों की पहचान का दावा किया गया है. इनमें 989 लोगों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, रेप, महिलाओं के खिलाफ अपराध, आर्म्स एक्ट, अपहरण, झपटमारी और एनडीपीएस से जुड़े मामलों के रिकॉर्ड होने की बात कही गई है.

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कॉकरोच प्रोटेस्ट की पड़ताल में दिल्ली पुलिस का बड़ा दावा. (Photo: PTI) कॉकरोच प्रोटेस्ट की पड़ताल में दिल्ली पुलिस का बड़ा दावा. (Photo: PTI)

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 27 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:25 PM IST

दिल्ली में कॉकरोच प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस पर हुए हमले की जांच में अब बड़े दावे सामने आए हैं. जांच में पुलिस पर हमले से जुड़े 100 वीडियो का विश्लेषण किया गया है. इनमें सीसीटीवी फुटेज के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो भी शामिल हैं. इन वीडियो के आधार पर प्रदर्शन स्थलों पर मौजूद 2,873 लोगों की पहचान किए जाने का दावा किया गया है. जांच में कहा गया है कि इनमें से 989 लोगों के खिलाफ पहले से हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, रेप, महिलाओं के खिलाफ अपराध, आर्म्स एक्ट, अपहरण, झपटमारी और एनडीपीएस जैसे गंभीर मामलों के रिकॉर्ड हैं.

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जांच में कुल 100 वीडियो का इस्तेमाल किया गया. इनमें अलग-अलग स्थानों के सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो शामिल बताए गए हैं. इन्हीं वीडियो के आधार पर प्रदर्शन के दौरान मौजूद लोगों की पहचान और उनके आपराधिक रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया. जांच के मुताबिक कुल 2,873 लोगों की पहचान की गई. इनमें से 989 लोगों के खिलाफ गंभीर अपराधों में पहले से रिकॉर्ड होने का दावा किया गया है. इन मामलों में हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, लूट, रेप, महिलाओं के खिलाफ अपराध, आर्म्स एक्ट, झपटमारी, अपहरण और मादक पदार्थों से जुड़े मामले शामिल बताए गए हैं.

हत्या से लेकर रेप तक के मामलों में दर्ज हैं केस

आंकड़ों के अनुसार 101 लोगों का नाम हत्या के मामलों में दर्ज है. 62 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास के मामले बताए गए हैं. डकैती और लूट के मामलों में 284 लोगों का रिकॉर्ड सामने आया है. इसके अलावा 61 लोगों के खिलाफ रेप के मामले दर्ज होने का दावा किया गया है. छह लोगों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामले बताए गए हैं. महिलाओं से छेड़छाड़ के मामलों में 25 लोगों का नाम शामिल है. आर्म्स एक्ट के मामलों में 229 लोगों के रिकॉर्ड होने की बात कही गई है. झपटमारी के मामलों में 135, अपहरण के मामलों में 19 और एनडीपीएस से जुड़े मामलों में 67 लोगों के खिलाफ रिकॉर्ड बताए गए हैं.

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जांच में यह भी कहा गया है कि पहचाने गए लोगों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जिनके खिलाफ एक से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं. रिपोर्ट के अनुसार, इनमें कई लोग आदतन और बार-बार अपराध करने वाले हैं. आंकड़ों के अनुसार हत्या के 101 मामलों में शामिल 42 लोगों के खिलाफ दो या उससे अधिक आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं. इनमें 12 ऐसे लोग भी हैं, जिनके खिलाफ 10 या उससे अधिक आपराधिक मामले होने का दावा किया गया है.

हत्या के प्रयास के 62 मामलों में शामिल 25 लोगों के खिलाफ दो या उससे अधिक मामले दर्ज बताए गए हैं. वहीं डकैती और लूट के 284 मामलों में शामिल 155 लोगों के खिलाफ दो या उससे अधिक आपराधिक मामले दर्ज होने का दावा किया गया है. इनमें 31 लोगों के खिलाफ 10 या उससे अधिक मामलों का रिकॉर्ड होने की बात कही गई है.

आंकड़ों के अनुसार रेप के 61 मामलों में शामिल आठ लोगों के खिलाफ दो या उससे अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं. महिलाओं से छेड़छाड़ के 25 मामलों में शामिल छह लोगों के खिलाफ भी एक से अधिक मामलों का रिकॉर्ड बताया गया है. एनडीपीएस से जुड़े 67 मामलों में नौ लोगों के खिलाफ दो या उससे अधिक मामलों का रिकॉर्ड होने का दावा किया गया है.

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रेप, पॉक्सो, आर्म्स एक्ट अपराध के भी मिले रिकॉर्ड

रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन स्थलों के आसपास मौजूद लोगों में केवल अलग-अलग मामलों में नामजद लोग ही नहीं थे, बल्कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी शामिल थे जिन्हें आदतन और बार-बार अपराध करने वाला बताया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, लूट, रेप, महिलाओं के खिलाफ अपराध, आर्म्स एक्ट, अपहरण, झपटमारी और मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में पहले से रिकॉर्ड वाले लोग शामिल बताए गए हैं. फिलहाल यह पूरा विश्लेषण पुलिस पर हमले से जुड़े 100 सीसीटीवी और वायरल वीडियो, पहचाने गए लोगों और उपलब्ध आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर तैयार किया गया बताया गया है.
 

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