कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP ने दावा किया है कि अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लेकर किसी अज्ञात जगह पर ले जाया गया है. पार्टी के मुताबिक तीनों के परिवारों को न हिरासत की जानकारी दी गई है और न ही यह बताया गया है कि वे कहां हैं. CJP का यह भी आरोप है कि तीनों को वकील से संपर्क करने की अनुमति नहीं मिल रही. पार्टी ने सवाल उठाया है कि इमरजेंसी घोषित ही क्यों नहीं कर दी जाती.
CJP ने यह पूरा मामला अपने सोशल मीडिया पोस्ट में उठाया है. पार्टी का कहना है कि अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया गया और इसके बाद किसी अज्ञात जगह पर ले जाया गया. यानी पार्टी के हिसाब से तीनों इस वक्त कहां हैं, इसकी जानकारी न पार्टी के पास है और न परिवारों के पास.
पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि तीनों को एक जगह नहीं, बल्कि अलग अलग जगहों पर रखा गया है. CJP के मुताबिक उसे यह भी नहीं पता कि तीनों इस समय कहां हैं. पार्टी ने कहा है कि तीनों के परिवारों को भी उनकी हिरासत और ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है.
एक और बड़ा आरोप वकील को लेकर है. CJP का दावा है कि अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को वकील से संपर्क करने की अनुमति नहीं दी जा रही है. यानी पार्टी का आरोप है कि हिरासत में रखे गए इन लोगों को कानूनी मदद लेने का मौका भी नहीं दिया जा रहा.
इन्हीं आरोपों के जरिए पार्टी ने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. CJP ने अपने पोस्ट में पूछा कि आखिर इमरजेंसी घोषित ही क्यों नहीं कर दी जाती. यह सवाल पार्टी ने इसी कार्रवाई को लेकर उठाया है.
aajtak.in