BRICS समिट: जलेबी, जूलरी और चाइनीज जुबान... चांदनी चौक का चीन कनेक्शन!

BRICS समिट को लेकर दिल्ली का मशहूर चांदनी चौक भी अपने अंदाज में तैयार है. यहां जलेबी और जूलरी के कारोबारियों ने चीन से बढ़ते व्यापारिक रिश्तों को देखते हुए चीनी भाषा सीखनी शुरू कर दी है. मकसद साफ है- मेहमानों से सीधा संवाद, बेहतर कारोबारी रिश्ते और चीन के बाजार में नई संभावनाओं की तलाश.

Advertisement
चांदनी चौक में ब्रिक्स मेहमानों के स्वागत की तैयारी (Photo: ITG) चांदनी चौक में ब्रिक्स मेहमानों के स्वागत की तैयारी (Photo: ITG)

आशुतोष कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 09 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 6:19 PM IST

दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर राजधानी की तैयारियां जोरों पर हैं. शहर के कोने-कोने में साफ-सफाई, सुरक्षा और स्वागत की व्यवस्थाएं चल रही हैं. लेकिन इस उत्साह का एक अनोखा रूप दिल्ली के प्राचीन और प्रसिद्ध बाजार चांदनी चौक में देखने को मिल रहा है. यहां के व्यापारी और दुकानदार ब्रिक्स समिट को लेकर बेहद उत्साहित हैं.

Advertisement

सरकारी एजेंसियां बाजार को चमकाने में जुटी हैं, तो व्यापारी विदेशी मेहमानों को आकर्षित करने के लिए खास तैयारी भी कर रहे हैं. इस तैयारी में मिठाइयां शामिल है, नई भाषा सीखने की ललक है और डिजाइनर जूलरी का क्रेज भी है. 

चांदनी चौक के व्यापारी चाइनीज, फ्रेंच और दूसरी भाषाओं की बेसिक जानकारी ले रहे हैं. ताकि अगर ब्रिक्स के मेहमान चांदनी चौक आएं तो उनका स्वागत किया जा सके. 

चांदनी चौक के व्यापारियों ने कहा कि वे इस आयोजन के लिए प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद करते हैं. चांदनी चौक के मिठाई दुकानदारों ने कहा कि 
वे अलग-अलग तरह के आइटम विदेशी मेहमानों के लिए रख रहे हैं. उनके लिए खास तरह की मिठाइयां बनाई जा रही हैं वही जूलरी के दुकानों पर भी विशेष तरीके की आइटम उपलब्ध कराई जा रही है. 

Advertisement

यहां के दुकानदारों का कहना है कि विदेशी मेहमानों को आकर्षित करने के लिए वे अलग-अलग विदेशी भाषाएं भी सीख रहे हैं और हम अपने बच्चों से गाइड ले रहे हैं क्योंकि बच्चे हमारे अलग-अलग भाषा की पढ़ाई कर रहे हैं तो हम लोग अक्सर प्रयोग में लाने वाले कुछ शब्द सीख रहे हैं ताकि विदेशी मेहमान से हम उस भाषा में बात कर उनको प्रभावित कर सकें.

चांदनी चौक के व्यापारी सत्येंद्र जैन ने कहा, "हमारी जूलरी की दुकान 1924 से चांदनी चौक मार्केट में है. मेरी उम्र 87 वर्ष हो गई है हमारे बच्चे अब नई भाषाएं सीख रहे हैं ताकि विदेशी मेहमानों को हम अपने तरफ आकर्षित कर सकें हालांकि हमारी भाषा हिंदी है, संस्कृत है लेकिन फिर भी हम दूसरी भाषाएं सीख रहें हैं. ताकि विदेशी मेहमानों को अच्छा लगे. उन्होंने कहा कि अंग्रेजी तो हमें आती ही है हम  जापानी सीख रहे हैं और चाइनीज भी सीख रहे हैं. 

ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर हमें उस तरीके का खुशी है जैसे घर में कोई बच्चा पैदा होता है और उसके लिए जश्न मनाया जाता है, तैयारी की जाती है वैसी तैयारी हम कर रहे हैं. 

जलेबी की प्रसिद्ध दुकान चलाने वाले रमाकांत शर्मा ने बताया, "तैयारी अच्छी है. साफ-सुथरी व्यवस्था हो रही है. विदेशी मेहमान आएंगे तो उन्हें स्वादिष्ट जलेबी खिलाई जाएगी. हम अंग्रेजी बोल लेते हैं. यहां का खास जलेबी और रबड़ी है. बीमार हों तब भी खा सकते हैं. देसी घी में बनती है और चार-पांच दिन रखने पर भी खराब नहीं होती. हमारी दुकान को 110 साल हो गए हैं."

Advertisement

बाजार घूमने आए राजस्थान के रक्षित राज ग्रोवर ने जलेबी का स्वाद चखते हुए कहा कि चांदनी चौक घूमने लायक जगह है. मेहमान आएंगे तो अच्छा रहेगा. कपड़े के व्यापारी नरेश गुप्ता ने प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, "ब्रिक्स में पांच देश हैं और और देश जुड़ रहे हैं. ऐसे सम्मेलन से ग्लोबल स्तर पर भारत की छवि अच्छी बनती है. व्यापार मंडल की सबसे बड़ी तैयारी यही है कि बाजार साफ-सुथरा रहे. हम स्टाफ और खुद को गाइड कर रहे हैं कि शालीनता से बात करें. अंग्रेजी, फ्रेंच के छोटे-छोटे शब्द सीख रहे हैं. बच्चों से गाइड ले रहे हैं ताकि वेलकम कर सकें."

ब्रिक्स सम्मेलन 11-13 सितंबर 2026 को हो रहा है. 

भारत की अध्यक्षता में 18वें ब्रिक्स लीडर्स समिट का आयोजन नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर 2026 को होगा. इससे पहले 11 सितंबर को ब्रिक्स बिजनेस फोरम भी आयोजित है. इसका थीम है, “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability”

इसमें सदस्य देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब, यूएई) के नेता, पार्टनर देश और आउटरीच आमंत्रित भाग लेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेजबानी करेंगे. यह वैश्विक सहयोग, बहुपक्षवाद और विकास पर केंद्रित महत्वपूर्ण बैठक है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »