दिल्ली: AAP के दो विधायक दंगे भड़काने के दोषी, 21 सितंबर को कोर्ट सुनाएगा सजा

आम आदमी पार्टी विधायक अखिलेशपति त्रिपाठी और संजीव झा को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सात साल पुराने मामले में दोनों को दोषी मान लिया गया है. पुलिसकर्मियों पर हमला करने के आरोप दोनों को दोषी माना गया है. उनके अलावा 15 अन्य लोगों को दोषी करार दिया गया है. अब सज़ा पर जिरह 21 सितंबर को होगी.

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आप के दो विधायक दोषी करार आप के दो विधायक दोषी करार

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 12 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 9:07 PM IST

राऊज एवेन्यू कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के दो विधायकों को दंगा और पुलिस कर्मियों पर हमले से जुड़े सात साल पुराने मामले में दोषी करार दिया है.  कोर्ट ने आप विधायक अखिलेशपति त्रिपाठी, संजीव झा और 15 अन्य लोगों को दोषी करार दिया है. मामला 20 फरवरी 2015 का है जब एक बेक़ाबू भीड़ ने बुराड़ी पुलिस स्टेशन पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया. दंगाई भीड़ पुलिस से गिरफ्तार किए गए दो लोगों को उसके हवाले करने की मांग कर रही थी.

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कोर्ट ने क्या कहा?

7 सितंबर के अपने आदेश में कोर्ट ने कहा है कि पुलिस की ओर से पेश किए सबूतों से साफ है कि दोनों आप विधायक न केवल दंगाई भीड़ में शामिल थे बल्कि उन्होंने नारेबाजी कर भीड़ को उकसाने का काम भी किया जिसके चलते भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी. अब सज़ा पर जिरह 21 सितंबर को होगी. कोर्ट के इस आदेश ने बीजेपी को आप पर निशाना साधने का बड़ा मौका दे दिया है. 

बीजेपी ने साधा निशाना

बीजेपी नेता आदेश गुप्ता ने ट्वीट कर कहा है कि फिर एक बार AAP का घिनौना चेहरा हुआ जग जाहिर! AAP के 2 MLA को कोर्ट ने दंगा भड़काने और पुलिस के साथ मारपीट करने में दोषी करार दिया. ऐसे ही दंगाइयों-गुंडों का गढ़ बन गई है AAP. संविधान की धज्जियां उड़ाने वाले इन लोगों को पार्टी और MLA पद से तुरंत बर्खास्त करो केजरीवाल. बीजेपी नेता शहनाज पूनावाला ने भी इस आदेश के बाद आप पर तंज कसा है. उन्होंने इसे संजोग नहीं प्रयोग बता दिया है. अभी तक आम आदमी पार्टी की तरफ से किसी ने भी इस विवाद पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. जिन दो विधायकों को दोषी माना गया है, उनकी तरफ से भी कोई बयान जारी नहीं हुआ है.

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विवादों में आप सरकार

वैसे इस समय आम आदमी पार्टी की मुसीबत सिर्फ बढ़ती जा रही है. दिल्ली का शराब घोटाले वाला मामला मनीष सिसोदिया को मुश्किल में डाल गया है तो दूसरी तरफ एलजी के साथ सरकार की चल रही तकरार भी विवादो को बढ़ा रही है. इस बीच कोर्ट के इस फैसले ने बीजेपी को एक और मुद्दा उठाने का मौका दे दिया है.

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