नक्सलियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन, बीजापुर के जंगलों से 700 से ज्यादा ग्रेनेड बरामद

बीजापुर के केजी हिल्स में संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के छिपाए 711 बीजीएल शेल बरामद किए. आईईडी और दूसरी विस्फोटक सामग्री की आशंका के कारण लोगों को कर्रेगुट्टा और आसपास की पहाड़ियों से दूर रहने को कहा गया है, जबकि इलाके में बारूदी सुरंग हटाने का अभियान चलेगा.

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बीजापुर के जंगलों सर्च अभियान चलाया जा रहा है. (Photo- ITG) बीजापुर के जंगलों सर्च अभियान चलाया जा रहा है. (Photo- ITG)

धर्मेन्द्र महापात्र

  • नई दिल्ली,
  • 06 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 12:20 PM IST

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है. संयुक्त सर्च ऑपरेशन में नक्सलियों का छिपाया 711 बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (BGL) शेल का जखीरा बरामद किया गया है. ये शेल कर्रेगुट्टा पहाड़ियों के पास जंगलों में छिपाकर रखे गए थे. पुलिस अधिकारियों ने लोगों से फिलहाल इस इलाके और आसपास की पहाड़ियों में जाने से बचने की अपील की है.

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विशेष टिप के आधार पर जिला पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 196वीं वाहिनी और कोबरा की 204वीं बटालियन ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान उसूर थाना क्षेत्र के ताड़ापाला गांव में सुरक्षाबलों के फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (FOB) के आसपास के जंगलों की तलाशी ली गई. इसी दौरान KG हिल्स के पास छिपाकर रखे गए 711 BGL शेल बरामद हुए. KG हिल्स, ताड़ापाला FOB से करीब 1.5 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित है.

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घातक हो सकते हैं BGL शेल

बरामद सभी शेल को तय सुरक्षा मानकों के तहत कब्जे में लिया गया है. BGL शेल विस्फोटक गोला-बारूद होते हैं, जिनसे वाहनों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंच सकता है. इनसे जानलेवा चोटें भी लग सकती हैं.

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पुलिस अधिकारी ने बताया कि इलाके में IED और दूसरे विस्फोटक पदार्थों की मौजूदगी से इनकार नहीं किया जा सकता. इसलिए आम लोगों को फिलहाल कर्रेगुट्टा और आसपास की पहाड़ियों में जाने से बचना चाहिए. इलाके में योजना के तहत डी-माइनिंग अभियान चलाया जाएगा.

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पहले भी चलाया गया था बड़ा अभियान

कर्रेगुट्टा की पहाड़ियां छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर स्थित हैं. कभी इन्हें नक्सलियों के बड़े नेताओं का सुरक्षित ठिकाना माना जाता था. पिछले साल अप्रैल-मई में सुरक्षाबलों ने इन पहाड़ियों के आसपास के घने जंगलों में 21 दिनों तक अभियान चलाया था. इस दौरान कम से कम 31 नक्सली मारे गए थे. इसके बाद पिछले साल नवंबर में सुरक्षाबलों ने इलाके में एक नया कैंप भी स्थापित किया था.

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