देश में मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज के बढ़ते मामलों के बीच इनके बेहतर इलाज और लंबे समय तक इनको कंट्रोल में रखना जरूरी है. इसको लेकर दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), में 20 से 22 नवंबर तक METSACON 2026 का आयोजन किया जाएगा. इसमें मोटापे के मैनेजमेंट, मेटाबॉलिक सर्जरी और डायबिटीज के इलाज पर एम्स और देश के कई संस्थानों के डॉक्टर चर्चा करेंगे. इसमें एम्स के सर्जरी विभाग की फैकल्टी समेत कई विशेषज्ञ डॉक्टर हिस्सा लेंगे.
एम्स नई दिल्ली के सर्जरी विभाग में प्रोफेसर डॉ. मंजूनाथ मारुति पोल ने इस आयोजन के बारे में बताया है. उन्होंने कहा कि देश में मोटापा और डायबिटीज, दोनों ही स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती बन रहे है. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि इन बीमारियों को कंट्रोल करने के लिए कौन-से ट्रीटमेंट मौजूद हैं और मरीजों को उनकी स्थिति के अनुसार सही इलाज कैसे दिया जा सकता है. इसपर चर्चा और नई तकनीकों से इलाज के लिए METSACON 2026 का आयोजन किया जाएगा. देशभर के डॉक्टर इस लिंक पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं.
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मोटापा और डायबिटीज का इलाज क्यों है जरूरी?
डॉ मंजूनाथ ने बताया कि मोटापा केवल वजन बढ़ने की समस्या नहीं है. इसका संबंध टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट की बीमरियों से भी है. वहीं, टाइप-2 डायबिटीज में शरीर इंसुलिन का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता, जिससे ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने लगता है.इन दोनों बीमारियों को समय पर पहचान, खानपान में सुधार और रोजाना एक्सरसाइज से काबू में किया जा सकता है.
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मेटाबॉलिक सर्जरी पर भी होगी चर्चा
METSACON 2026 में मेटाबॉलिक सर्जरी की भूमिका भी चर्चा का प्रमुख विषय होगी., मोटापे से जूझ रहे कुछ चुनिंदा मरीजों में सर्जरी वजन कम करने के साथ ब्लड शुगर कंट्रोल में भी मदद कर सकती है, लेकिन यह हर मरीज के लिए जरूरी नहीं होती, इसके लिए विशेषज्ञों की जांच, संभावित लाभ और रिस्क का आकलन जरूरी है.
इस आयोजन का उद्देश्य मोटापे और डायबिटीज को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ इनके उपचार के उपलब्ध विकल्पों पर चर्चा करना है. इन बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए समय पर डॉक्टर से सलाह लेना और अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार इलाज कराना अहम है.
आजतक हेल्थ डेस्क