Health Tips Office Stress: मोटापा आजकल की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में एक बड़ी समस्या बन गया है जिसे कम करने के लिए लोग अलग-अलग तरह के हथकंडे अपनाते हैं. हाल ही में इस्तांबुल में यूरोपियन कांग्रेस ऑन ओबेसिटी में पब्लिश्ड स्टडी में सामने आया है कि जो लोग ऑफिस में ज्यादा घंटों तक काम करते हैं, उनमें मोटापा बढ़ने की संभावना अधिक होती है. रिसर्च के मुताबिक, अमेरिका और मेक्सिको जैसे देशों में जहां वर्किंग आवर्स ज्यादा हैं, वहां ओबेसिटी रेट भी अधिक पाया गया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि काम के घंटों में थोड़ी सी कमी भी सेहत में बड़ा सुधार ला सकती है.
स्टडी की लीड ऑथर डॉ. प्रदीपा कोराले-गेदारा (Dr Pradeepa Korale) का कहना है, 'अधिक काम करने से शरीर में तनाव बढ़ता है जिससे कोर्टिसोल हार्मोन का लेवल हाई हो जाता है. यह हार्मोन शरीर में फैट जमा करने का काम करता है. इसके अलावा देर तक काम करने की वजह से लोगों के पास एक्सरसाइज के लिए समय नहीं बचता. थकावट के कारण लोग अक्सर घर पर खाना बनाने के बजाय बाहर का प्रोसेस्ड फूड या पैकेट बंद चीजें खाना पसंद करते हैं जो वजन बढ़ने का मुख्य कारण है.'
इस रिसर्च के बाद ब्रिटेन में '4-डे वर्किंग वीक' की मांग फिर से तेज हो गई है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर हफ्ते में सिर्फ चार दिन काम हो तो लोगों को अपनी सेहत, नींद और डाइट पर ध्यान देने का पूरा मौका मिलेगा. इससे न केवल कर्मचारियों का स्ट्रेस कम होगा, बल्कि वे ज्यादा एक्टिव और प्रोडक्टिव भी रहेंगे. ब्रिटेन की करीब 200 कंपनियों ने पहले ही इस मॉडल को अपना लिया है और इसके पॉजिटिव नतीजे भी देखने को मिले हैं.
सरकार फिलहाल इसे पूरी तरह अनिवार्य करने के पक्ष में नहीं है. 'द गार्डियन' की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा, हम 'फ्लेक्सिबल वर्किंग' को बढ़ावा दे रहे हैं, लेकिन 4 दिन के काम के लिए 5 दिन की सैलरी देने का कानून फिलहाल नहीं लाया जाएगा. दूसरी ओर हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर हमें एक स्वस्थ समाज चाहिए तो 100 साल पुराने 9 से 5 और 5 दिन वाले वर्किंग कल्चर को अब बदलने का समय आ गया है.
आजतक हेल्थ डेस्क