दिल्ली में रहकर UPSC की तैयारी कर रहे एक 24 साल के लड़के को रात में छाती में हल्का दर्द हुआ, उस लगा एसिडिटी हो गई है, तो वह गैस की दवा लेकर सो गया, लेकिन सुबह जब उठा तो हल्का दर्द बना हुआ था. दर्द की वजह से उसने सोचा की एक बार अस्पताल में जाकर चैकअप करा लूं, डॉक्टरों ने रूटीन ब्लड टेस्ट किए और एक ECG किया. इसको देखकर पता चला कि हार्ट में कोई समस्या है, ऐसे में एंजियोग्राफी की गई, जिसे देखकर डॉक्टर भी हैरान हो गए, रिपोर्ट में पता चला कि इस 24 साल के लड़के के हार्ट की नसें ब्लॉक हो चुकी है और इसको डबल-वेसल हार्ट डिजीज है. जिस वजह से उसको एक हार्ट अटैक आ चुका है. ऐसे में उसकी जान बचाने के लिए एंजियोप्लास्टी कर हार्ट में स्टेंट डाले गए.
इस घटना ने उस डर को फिर बढ़ा दिया है जो आजकल कई युवाओं को है, ये डर है कम उम्र में हार्ट अटैक का, इस केस में भी देखें तो महज 24 साल की उम्र में ही लड़के को डबल-वेसल कोरोनरी आर्टरी डिजीज हो गई, जबकि ये बीमारी तो पहले 60 साल से अधिक उम्र वालों में ज्यादा देखी जाती थी. यह मामला गुरुग्राम के फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च सेंटर एंड हॉस्पिटल का है. अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग के डायरेक्टर Dr Sanjat Chiwane ने इस केस के बारे में Aajtak.in को बताया है.
नींद की कमी बनी हार्ट अटैक का कारण?
ये छात्र कई सालों से UPSC की तैयारी कर रहा था. इस वजह से कम सोता था और इसको सिगरेट पीने की आदत भी थी. लड़के का खानपान खराब था. ये अपने दोस्तों के साथ ही रहता था. पढ़ाई और दोस्तों की संगत के कारण वह 4 से 5 घंटे की नींद ही लेता था. इन सभी वजह से उसके हार्ट में ब्लॉकेज हो गई थी. जिस वजह से हार्ट अटैक आ गया था और चूंकि नसें पूरी तरह ब्लॉक थी तो स्टेंट डालने पड़े.
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24 की उम्र में क्यों ब्लॉक हो रही हार्ट की नसें
आमतौर पर हार्ट अटैक और कोरोनरी आर्टरी डिजीज को उम्र बढ़ने से जुड़ी बीमारी माना जाता है. इस तरह के केस पहले 50 से 60 साल की उम्र क बाद आते थे, लेकिन यह मामला ये दिखाता है कि कम उम्र में भी हार्ट की बीमारी हो सकती है, खासकर जब जेनेटिक फैक्टर मौजूद हों और लाइफस्टाइल से लेकर खानपान सब खराब हो.
पढ़ाई की उम्र में लगा बड़ा झटका
24 साल की उम्र में ये लड़का UPSC परीक्षा की तैयारी में व्यस्त था,अब उसको ये पता चला कि उसे हार्ट की बीमारी है. इस घटना से न केवल वो परेशान हुआ है ब्लकि उसके परिवार को चौंकाया है, डॉक्टर भी अब इस तरह के केस देख रहे हैं. जिसस ये समझने की जरूरत है कि अब हार्ट की बीमारी किसी को भी हो सकती है. खासतौर पर इसका रिस्क तब ज्यादा है जब आपका खानपान और लाइफस्टाइल दोनों ही खराब हैं.
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युवाओं के लिए क्या है जरूरी?
ब्लड प्रेशर और लिपिड प्रोफाइल का हर 6 महीने में चेकअप कराएं
रोज कम से कम आधा घंटा एक्सरसाइज करें
स्मोकिंग न करें
खानपान का ध्यान रखें
अभिषेक पांचाल