डायबिटीज का पुरुषों और महिलाओं में अलग- अलग असर, होता है इन बीमारियों का भी खतरा

नई रिसर्च में पाया गया है कि डायबिटीज पुरुषों और महिलाओं में अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याएं पैदा करता है. यह अध्ययन यूके के 28,720 टाइप-2 डायबिटीज मरीजों के हेल्थ रिकॉर्ड पर आधारित है, शोधकर्ताओं ने कहा कि डायबिटीज के इलाज में दूसरी बीमारियों पर भी ध्यान देने की जरूरत है.

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आजतक हेल्थ डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 01 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:38 AM IST

डायबिटीज का असर शरीर के दूसरे अंगों पर भी पड़ता है. इससे दिल, किडनी और मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है. अब एक बड़ी स्टडी में सामने आया है कि डायबिटीज से होने वाली दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं पुरुषों और महिलाओं में एक जैसी नहीं होतीं है. इस रिसर्च को PLOS मेडिसिन में प्रकाशित किया गया है. 

इस रिसर्च में यूके के 28,720 ऐसे मरीजों का हेल्थ रिकॉर्ड निकाला गया, जिनमें हाल ही में टाइप-2 डायबिटीज की पहचान हुई थी. मरीजों में समय के साथ डायबिटीज के कारण होने वाली दूसरी समस्याओं का भी आकलन किया गया. इसमें देखा गया है महिलाओं में क्या समस्याएं हो रही है और इनमें ऐसी कौन सी हैं जो पुरुषों से अलग हैं. 

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पुरुषों में दिल और किडनी पर ज्यादा असर

स्टडी के मुताबिक पुरुषों में डायबिटीज के साथ हार्ट और किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा महिलाओं की तुलना में ज्यादा था, खास बात यह रही कि पुरुषों में ये समस्याएं डायबिटीज होने के बाद कम उम्र में ही होने लगीं थी. डायबिटीज लंबे समय तक बढ़ी हुई शुगर के कारण नसों को नुकसान पहुंचा सकती है. शुगर लेवल बढ़ने से आंखों की समस्याएं भी हो सकती हैं. 

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महिलाओं में चिंता और डिप्रेशन का खतरा

रिसर्च में पता चला कि महिलाओं में एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं अधिक देखने को मिलीं. जबकि पुरुषों में ये डायबिटीज से होने के बाद कम देखी गईं.  यह भी पाया गया कि डायबिटीज के साथ मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर मौत का जोखिम बढ़ सकता है.

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डॉक्टरों के लिए भी जरूरी संकेत

शोधकर्ताओं का कहना है कि डायबिटीज के मरीजों की निगरानी करते समय केवल ब्लड शुगर के आंकड़ों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा. पुरुषों में दिल और किडनी की सेहत पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत हो सकती है, जबकि महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग को भी इलाज का हिस्सा बनाया जाना चाहिए.

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