डैंड्रफ बालों में होने वाली एक आम समस्या है. इससे बचाव के लिए लोग कई तरह के शैंपू यूज करते हैं. लेकिन क्या केवल शैंपू से डैंड्रफ की समस्या खत्म हो सकती है. इस मामले में कब डॉक्टर की सलाह जरूरी है. इस बारे में जानते हैं. एक्सपर्ट के मुताबिक, डैंड्रफ को हम अक्सर एक छोटी और सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं.
हल्का डैंड्रफ हो तो सही एंटी-डैंड्रफ शैंपू से काफी हद तक राहत मिल सकती है, लेकिन शैंपू का चुनाव केवल खुशबू या ब्रांड देखकर नहीं, बल्कि उसमें मौजूद एक्टिव इंग्रेडिएंट्स के आधार पर होना चाहिए. डैंड्रफ को खत्म करने के लिए कोई भी शैंपू लगाना फायदेमंद नहीं है. पहले देखें कि उस शैंपू में इंग्रेडिएंट्स कैसे हैं.
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डैंड्रफ के लिए शैंपू में इंग्रेडिएंट्स कौन से होना चाहिए
गुरुग्राम के फोर्टिस हॉस्पिटल में डर्मेटोलॉजी विभाग में सीनियर कंसल्टेंट डॉ. रश्मि शर्मा ने इस बारे में बताया है. वह कहती हैं कि केटोकोनाज़ोल, सेलेनियम सल्फाइड, जिंक पाइरिथियोन और सैलिसिलिक एसिड जैसे इंग्रेडिएंट्स डैंड्रफ को कंट्रोल करने में मदद करते हैं.
शैंपू को सिर्फ बालों पर लगाने की बजाय स्कैल्प पर अच्छी तरह लगाना और कुछ मिनट छोड़ना भी जरूरी है. नियमित इस्तेमाल करने पर खुजली और सफेद परतों में सुधार दिखाई दे सकता है. लेकिन हर स्कैल्प की समस्या डैंड्रफ नहीं होती. डैंड्रफ की हर समस्या में शैंपू भी फायदेमंद नहीं होता है.
डैंड्रफ होने पर कब लें डॉक्टर की सलाह
डॉ. रश्मि कहती हैं कि अगर खुजली बहुत ज्यादा है, स्कैल्प लाल या संवेदनशील हो रहा है, मोटी परतें जम रही हैं, बार-बार समस्या लौट आती है या साथ में बाल झड़ने लगे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. क्योंकि ऐसे मामलों में केवल एंटी-डैंड्रफ शैंपू पर्याप्त नहीं होता.सही डायग्रोज से ही अच्छा इलाज हो सकता है.
आजतक हेल्थ डेस्क