बुखार, खांसी और जुकाम कहीं कोरोना तो नहीं? कैसे पता करें फ्लू और कोरोना में अंतर

बारिश के मौसम में वायरल संक्रमण बढ़ने से कोविड और फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. दोनों बीमारियों के लक्षण काफी हद तक समान होने के कारण अंतर करना मुश्किल हो जाता है.

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कोरोना और फ्लू में अंतर कोरोना और फ्लू में अंतर

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:17 PM IST

देश के कई इलाकों में बारिश पड़ रही है. इस बदलते मौसम में बहुत प्रकार के वायरस एक्टिव हो जाते हैं. इससे वायरल बुखार से लेकर फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं. कई राज्यों में कोविड के केस भी रिपोर्ट किए जा रहे हैं. अस्पतालों की ओपीडी में खांसी- जुकाम, गले में खराश जैसे लक्षण वाले मरीज आ रहे हैं. वहीं, कुछ लोग इन लक्षणों में खुद मेडिकल से दवा लाकर खा रहे है. अब सवाल यह है कि खांसी- जुकाम और गले में खराश कहीं कोविड तो नहीं? कैसे पता करें कि ये लक्षण फ्लू के हैं या कोरोना के हैं. कैसे इसकी पहचान की जा सकती है. इस बारे में जानते हैं. 

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कोविड और फ्लू दोनों ही सांस संबंधित इंफेक्शन और वायरल संक्रमण हैं और इनके कई लक्षण एक जैसे होते हैं, यही वजह है कि केवल लक्षणों के आधार पर दोनों में अंतर करना हमेशा आसान नहीं होता है. कोरोना और फ्लू दोनों वायरस से होने वाली बीमारियां हैं. दोनों संक्रमित व्यक्ति की खांसी, छींक या बातचीत के दौरान निकलने वाली बूंदों के जरिए फैल सकती हैं. दोनों में बुखार, खांसी, शरीर दर्द और थकान जैसे लक्षण आम हैं. लेकिन कुछ संकेत ऐसे भी हैं, जिनसे इनके लक्षणों के अंतर की पहचान की जा सकती है. 

कैसे पता चले कि कोविड है या फ्लू? 

इस बारे में दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मेडिसिन विभाग में डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि ने बताया है. डॉ सुभाष बताते हैं कि फिलहाल कोविड के भी अधिकतर लक्षण फ्लू जैसे ही है. बीते 2 साल की बात करें तो कोविड के पहले वाले लक्षण अब मरीजों में नजर नहीं आते हैं. कोविड में भी खांसी- जुकाम और बुखार या फिर गले में खराश होती है. दोनों में लक्षणों के अंतर की बात करें तो अब केवल  लक्षणों के आधार पर यह बताना मुश्किल हो जाता है कि यह कोविड है या फ्लू है. 

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अगर किसी व्यक्ति को यह पता करना है कि उसको कोविड तो नहीं है तो फिर इसके लिए आरटी-पीसीआर या रैपिड एंटीजन टेस्ट करा लेना बेहतर है. हालांकि ये सभी के लिए जरूरी नहीं है, क्योंकि अगर कोविड है भी तो हल्के लक्षण ही होंगे और कुछ दिनों में ठीक हो जाएगा. यह कराना तब जरूरी है जब किसी व्यक्ति को खांसी और गले में खराश के साथ लक्षण लगातार बने रहें, सांस लेने में परेशानी हो तो डॉक्टर की सलाह लें. 

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डॉ सुभाष के मुताबिक, अगर किसी के घर या आसपास किसी व्यक्ति में हाल ही में कोविड की पुष्टि हुई है और आप भी बीमार महसूस कर रहे हैं, तो कोविड की जांच करा सकते हैं. खासतौर पर अगर आपको पहले से ही कोई गंभीर बीमारी है, बुजुर्ग हैं तो टेस्ट करा लें. 

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मेडिसिन विभाग मे डॉ. दीपक कुमार सुमन बताते हैं कि अगर केवल खांसी- जुकाम बुखार और गले में खराश की समस्या है तो फिर यह खुद ही तीन से पांच दिन में ठीक हो जाता है. ऐसे मामलों में आप डॉक्टर से सलाह लेकर दवाएं खा सकते हैं, लेकिन अगर इन लक्षणों के साथ सांस लेने में कठिनाई, ऑक्सीजन का स्तर कम होनी, लगातार तेज बुखार जैसे लक्षण दिख रहे हैं तो फिर आपको अस्पताल जाना जरूरी है.

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कोविड और फ्लू से बचाव कैसे करें?

हाथों को धोकर भोजन करें खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकें. पर्याप्त नींद लें और संतुलित डाइट लें.  कोविड वैक्सीन तो सभी को लग ही गई है, लेकिन डॉक्टर से सलाह लेकर फ्लू वैक्सीन भी लगवा सकते हैं. 

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