बदलते मौसम में हो रही खांसी को हल्के में ना लें, जानें कब है ये खतरे की घंटी, किन लक्षणों का रखें ध्यान

मौसम बदलते ही कई लोगों को खांसी आने की समस्या हो गई है. खांसी आना एक आम परेशानी है, लेकिन कुछ मामलों में ये गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकती है. खांसी सेहत के लिए कब खतरा है इस बारे में साकेत के मैक्स हॉस्पिटल में पल्मोनोलॉजी डिपार्टमेंट में हेड डॉ. विवेक नांगिया ने बताया है.

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खांसी - जुकाम होने पर क्या करें खांसी - जुकाम होने पर क्या करें

आजतक हेल्थ डेस्क

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  • 01 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 3:01 PM IST

मौसम बदलते ही कई लोगों को खांसी की समस्या हो रही है. आमतौर पर इसमें लोग खुद से कोई कफ सिरप लेकर पी लेते हैं. कुछ लोगों को आराम मिल जाता है तो कुछ को नहीं, ऐसे में इनको खांसी कई दिन तक बनी ही रहती है. डॉक्टर बताते हैं कि खांसी शरीर का एक स्वाभाविक बचाव का तरीका माना जाता है, जिसका मकसद सांस की नली से बलगम, धूल, जलन पैदा करने वाली चीजों और कीटाणुओं को बाहर निकालना होता है.

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आम सर्दी-जुकाम, एलर्जी या हल्के रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन के साथ होने वाली  खांसी अपने आप ठीक हो जाती है और इससे घबराने की कोई बात नहीं होती है.  हालांकि,सकभी-कभी मामूली लगने वाली खांसी किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकती है. इसलिए यह जानना जरूरी है कि इसे कब नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

साकेत के मैक्स हॉस्पिटल में पल्मोनोलॉजी डिपार्टमेंट में हेड डॉ. विवेक नांगिया ने इस बारे में  Aajtak.in को बताया है. वह कहते हैं कि अगर आपको खांसी के साथ ये 5 लक्षण दिख रहे हैं तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए. 

1. 3 से 4 हफ्ते तक खांसी रहे

डॉ. विवेक बताते हैं कि अगर खांसी शुरू हुई है और 3 से 4 हफ्ते तक बनी हुई है तो संकेत है कि ये सामान्य खांसी नहीं है. ये शरीर में किसी गंभीर इंफेक्शन का संकेत हो सकता है. अगर इतने दिनों तक खांसी है तो ये अस्थमा से लेकर लंग्स इंफेक्शन हो सकता है. कुछ मामलों में ये टीबी का भी संकेत होता है. अगर किसी भी व्यक्ति को 3 से 4 हफ्ते तक खांसी बनी हुई है तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लें. डॉक्टर एक्स-रे और दूसरे टेस्ट के जरिए बीमारी की सटीक पहचान कर सकते है. 

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2. खांसी में अगर बलगम आए

खांसते समय बहुत बलगम आए और खून भी दिखे, तो उसे नज़रअंदाज नहीं करना चाहिए. बलगम में खून आना रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन, ब्रोंकिएक्टेसिस और टीबी जैसी बीमारियों का लक्षण हो सकता है. कुछ मामलों में, यह फेफड़ों के ट्यूमर (खासकर धूम्रपान करने वालों में) का संकेत भी हो सकता है. अगर बार-बार खून आए, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए.

यह भी पढ़ें: इस मौसम में तेज बुखार, शरीर में दर्द, खांसी हो तो तुरंत क्या करना चाहिए, AIIMS के डॉक्टर ने बताया 

3. खांसी के साथ सांस लेने में दिक्कत या घरघराहट होना

अगर खांसी के साथ सांस लेने में परेशानी, सीने में जकड़न, घरघराहट या बिना किसी वजह के एक्सरसाइज़ करने की क्षमता में कमी हो, तो इस पर ध्यान देना ज़रूरी है. ये लक्षण अस्थमा, COPD, निमोनिया या दिल और फेफड़ों से जुड़ी अन्य बीमारियों की ओर इशारा कर सकते हैं. अचानक या बहुत ज़्यादा सांस फूलने पर, खासकर अगर इसके साथ सीने में दर्द, होंठों का नीला पड़ना, उलझन या ऑक्सीजन का लेवल कम होना जैसे लक्षण हों, तो तुरंत मेडिकल मदद की ज़रूरत होती है.

4. आपको बुखार है, वजन कम हो रहा है या रात में पसीना आता है

आम तौर पर, वायरल खांसी संक्रमण ठीक होने के साथ-साथ ठीक हो जाती है। लेकिन अगर खांसी के साथ लगातार या बार-बार बुखार, रात में बहुत ज़्यादा पसीना आना, भूख न लगना, बहुत ज़्यादा थकान या बिना किसी साफ़ वजह के वज़न कम होना जैसे लक्षण हों, तो इसकी और जाँच करवानी चाहिए,

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5. बिना किसी साफ वजह के आपकी खांसी में बदलाव आया है

ऐसी खांसी पर ध्यान दें जो अचानक ज्यादा बार आने लगे, गहरी या दर्दनाक हो जाए, जिसमें काफी ज्यादा बलगम निकले, या जिसका स्वरूप बदल जाए. खासकर तब जब आप धूम्रपान करते हों या पहले करते रहे हों. इसी तरह, 40 साल से ज़्यादा उम्र के व्यक्ति में, या ऐसे व्यक्ति में जिसे तंबाकू के धुएं, वायु प्रदूषण या काम की जगह पर धूल और धुएं का काफी सामना करना पड़ता है.

 

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