जब आप अपने किसी खेल के भगवान (आइडल) से मिलते हैं, तो आप यह उम्मीद करते हैं कि वे आपको कोई ऐसा गुरुमंत्र देंगे जो आपके खेल को बदल देगा. शायद कोई तकनीकी सलाह या सिर्फ एक एलीट एथलीट की समझ. लेकिन युवा भारतीय एम्यूचर गोल्फर अर्जुन भाटी के लिए, विराट कोहली की एक छोटी सी बात ऐसी थी जो उनके दिल पर हमेशा के लिए छप गई.
आजतक हेल्थ वेल्थ समिट के मंच पर स्वर्ण पदक विजेता महिला कबड्डी टीम की खिलाड़ी निकिता कुमारी और राज रानी के साथ पैनल साझा करते हुए 22 वर्षीय गोल्फर अर्जुन भाटी ने विराट कोहली के साथ हुई अपनी मुलाकात के पुराने दिनों को याद किया.आइए जानते हैं अर्जुन भाटी ने इस समिट में क्या-क्या बड़े खुलासे किए.
विराट कोहली हैं देश के सबसे बड़े फिटनेस आइकन
विराट कोहली के बारे में बात करते हुए अर्जुन ने कहा कि मैदान के अंदर और बाहर जिस तरह से उन्होंने खुद को फिजिकली और मेंटली ट्रांसफॉर्म किया है, वह हर एथलीट के लिए एक मिसाल है.
अर्जुन ने बताया, 'जब भी मैं उनसे मिला, उन्होंने मुझे सबसे बड़ी सलाह यही दी कि खेल से भी बढ़कर यह सुनिश्चित करो कि तुम हमेशा स्वस्थ रहो और अपने आस-पास के लोगों को भी हर समय फिट रहने के लिए प्रेरित करते रहो.'
उनका मानना है कि विराट जिस तरह से बात करते हैं और जो काम करते हैं, उससे हर कोई सहमत होगा कि वे आज के समय में भारत के अल्टीमेट फिटनेस आइकन हैं. उनकी फिटनेस यात्रा ने क्रिकेटर्स के साथ-साथ दूसरे खेलों के युवाओं को भी गहराई से प्रभावित किया है.
टाइगर वुड्स से मिली फिटनेस की पहली सीख
विराट कोहली से पहले, बचपन और करियर की शुरुआत में अर्जुन भाटी गोल्फ के दिग्गज टाइगर वुड्स को देखकर बड़े हुए. टाइगर वुड्स वही खिलाड़ी हैं जिन्होंने गोल्फ की दुनिया में फिटनेस के मायने ही बदल दिए थे. अर्जुन ने उस पल को याद किया जब उन्होंने पहली बार 2014 में दिल्ली गोल्फ क्लब में टाइगर वुड्स को खेलते हुए देखा था. उस अनुभव ने उनकी जिंदगी पर एक गहरी छाप छोड़ी.
उन्होंने कहा, 'मैं कहूंगा कि मेरे करियर की शुरुआत में टाइगर वुड्स ने एक बहुत बड़ी भूमिका निभाई. उन्होंने गोल्फ के खेल को हर तरीके से बदल दिया, चाहे वो फिटनेस की बात हो या लोकप्रियता की. उन्हें देखकर ही मेरे अंदर यह ललक जगी कि मुझे भी उस स्तर तक पहुंचना है और अपनी फिटनेस पर पूरा ध्यान देना है.'
टाइगर वुड्स की फिटनेस का आलम यह था कि वे 'Men's Health' मैगजीन के कवर पेज पर भी आए, जिससे पूरी दुनिया में ये संदेश गया कि एक बेहतरीन गोल्फर बनने के लिए फिजिकल फिटनेस कितनी जरूरी है.
निष्कर्ष साफ है कि चाहे क्रिकेट का मैदान हो या गोल्फ का हरा-भरा कोर्स, सफलता के पीछे सबसे बड़ा राज 'कड़ी मेहनत और फिटनेस' ही है, जिसे इन युवा खिलाड़ियों ने अपनी प्रेरणा मानकर अपनाया है.
आजतक हेल्थ डेस्क