'फैसला सुन सुन्न रह गया', बोले एक्टर राहुल राज सिंह, प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में हुए बरी

बॉम्बे हाई कोर्ट ने प्रत्युषा बनर्जी के 2016 के सुसाइड केस में एक्टर राहुल राज सिंह को बरी कर दिया है. उन्होंने इस फैसले पर अपनी इमोशनल रिएक्शन जाहिर किया है.

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राहुल राज का पहला रिएक्शन (Photo: Instagram/iamprats) राहुल राज का पहला रिएक्शन (Photo: Instagram/iamprats)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 02 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 7:54 AM IST

टीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी के बहुचर्चित सुसाइड केस में बॉम्बे हाई कोर्ट की तरफ से बरी किए जाने के बाद एक्टर-प्रोड्यूसर राहुल राज सिंह का पहला बयान सामने आया है. कोर्ट के इस फैसले ने उन्हें ट्रायल शुरू होने से पहले ही बड़ी राहत दे दी है. इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राहुल राज सिंह ने कहा कि जब उन्होंने कोर्ट में बरी होने की खबर सुनी, तो वे पूरी तरह से सुन्न पड़ गए थे.

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करीब 10 साल लंबे चले इस कानूनी संघर्ष के बाद राहत मिलने पर उन्होंने भगवान का शुक्रिया अदा किया और कहा कि आखिरकार अब उन्हें मानसिक शांति का अहसास हो रहा है.

राहुल राज ने क्या कहा?
HT से बात करते हुए  अदालत के फैसले के बाद बात करते हुए राहुल राज सिंह ने अपना दर्द और राहत दोनों बयां किए. उन्होंने कहा, 'मैं कोर्ट में ही मौजूद था और फैसला सुन रहा था. सच कहूं तो, जैसे ही मुझे बरी करने की खबर मिली, मैं पूरी तरह सुन्न हो गया था. इस पूरे मामले में 10 साल का लंबा वक्त निकल गया. आज मुझे महसूस हो रहा है कि ईश्वर मेरे साथ हैं और उनकी कृपा मुझ पर बनी हुई है. हालांकि अभी मुझे फैसले की लिखित कॉपी नहीं मिली है, लेकिन मैं इतना जरूर कह सकता हूं कि इतने सालों के मानसिक तनाव के बाद अब मुझे शांति महसूस हो रही है.'

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फोन कॉल बनी फैसले का मुख्य आधार
मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस शिवकुमार डिगे की बेंच ने प्रत्युषा बनर्जी और राहुल राज सिंह के बीच हुई आखिरी टेलीफोनिक बातचीत को बेहद अहम माना. 1 अप्रैल 2016 को प्रत्युषा की मौत से ठीक पहले दोनों के बीच यह बातचीत हुई थी. कोर्ट ने कॉल के ट्रांसक्रिप्ट की समीक्षा करने के बाद पाया कि राहुल, प्रत्युषा को कोई भी गलत या कठोर कदम उठाने से रोकने की लगातार कोशिश कर रहे थे.

बातचीत में राहुल ने प्रत्युषा से यह भी कहा था कि उन्होंने अपनी गाड़ी मोड़ ली है और वे तुरंत उनसे मिलने ही आ रहे हैं. इसी बातचीत को आधार बनाते हुए कोर्ट ने उन्हें उकसाने के आरोपों से मुक्त कर दिया.

2016 में मिली थी अग्रिम जमानत
आपको बता दें कि अप्रैल 2016 में प्रत्युषा बनर्जी की मौत के बाद उनके परिजनों की शिकायत पर राहुल राज सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment to Suicide) का मामला दर्ज किया गया था. इसके बाद जुलाई 2016 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने ही राहुल को इस मामले में अग्रिम जमानत दी थी. अब करीब एक दशक बाद कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से पूरी तरह बरी कर दिया है, जिससे इस हाई-प्रोफाइल केस में राहुल राज सिंह को एक बड़ी कानूनी जीत मिली है.

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