प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने की मर्सल जैसे मामलों के लिए अलग अथॉरिटी की मांग

फिल्म मर्सल पर गरमा रही राजनीति के मामले में प्रोड्यूसर्स गिल्ड के अध्यक्ष सिद्धार्थ रॉय कपूर ने अपनी राय दी है. उन्होंने मर्सल के प्रोड्यूसर्स का बचाव किया है.

Advertisement
सिद्धार्थ रॉय कपूर सिद्धार्थ रॉय कपूर

महेन्द्र गुप्ता

  • नई दिल्ली,
  • 21 अक्टूबर 2017,
  • अपडेटेड 11:16 PM IST

भाजपा ने दक्ष‍िण की फिल्म मर्सल से नोटबंदी और जीएसटी का संदर्भ हटाए जाने की मांग की है. इस मामले में प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के प्रोड्यूसर सिद्धार्थ रॉय कपूर ने मर्सल के निर्माताओं का बचाव करते हुए कहा, 'हम सेंसर बोर्ड की सराहना करते हैं, जो अभिव्यक्त‍ि की स्वतंत्रता के मामले में मर्सल के प्रोड्यूसर्स के साथ खड़ा रहा. साथ ही फिल्म के कैरेक्टर द्वारा दी गई अपनी अलग राय को बरकरार रखने की इजाजत दी.

Advertisement

सिद्धार्थ ने कहा, अब हम ऐसे अधिकारियों को नियुक्त किए जाने की उम्मीद करते हैं, जो उन मामलों से निपट सके, जिनमें फिल्म के कंटेंट में बदलाव के लिए निर्माताओं पर दबाव बनाया जाता है. साथ ही सेंसर बोर्ड से सर्टिफाइड फिल्मों को बिना किसी कांट-छांट के रिलीज कराने में मदद करे. रॉय ने कहा, हम ऐसे समय में हैं, जहां कलाकारों का अपने काम के जरिए अलग-अलग राय प्रकट करने के अध‍िकार का समर्थन किया जाता है. इनमें देश के लिए क्या बेहतर है, यह द‍िखाया जाता है.'

बता दें कि मर्सल में नोटबंदी और जीएसटी के बारे में जिक्र किया गया है. इस पर भाजपा ने आपत्त‍ि लेते हुए इसे हटाने को कहा था. इसके बाद शनिवार को राहुल गांधी ने ट्वीट कर पीएम मोदी को कहा- 'मिस्टर मोदी सिनेमा तमिल संस्कृति और भाषा की गहरी अभिव्यक्ति है. तमिलों के गर्व मर्सल में दखल देकर इसे दबाने की कोशिश नहीं करें.' दरअसल, फिल्म में जीएसटी और नोटबंदी को लेकर कुछ सीन्स पर बीजेपी ने आपत्ति की थी. इसके बाद खबरें आईं कि प्रोड्यूसर्स फिल्म से सम्बंधित सीन हटाने पर राजी हो गए हैं.

Advertisement

राहुल के ट्वीट के बाद इस मसले पर राजनीति गर्म हो गई. राहुल का ये ट्वीट एक निर्देशक को पसंद नहीं आया. निर्देशक मधुर भंडारकर ने राहुल के ट्वीट पर जवाब देते हुए लिखा, 'सर, मैं किसी भी फिल्म के बैन के खि‍लाफ हूं. मैं उस समय आपके समर्थन की उम्मीद कर रहा था जब आपके कार्यकर्ता मेरी फिल्म इंदु सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन आप शांत रहे.'

'मर्सल' के कुछ डायलॉग हटाने की मांग पर कटाक्ष करते हुए चिदंबरम ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'ऐसा कानून बनाना चाहिए, जिसमें वृत्तचित्रों (डॉक्यूमेंटरी) में सिर्फ सरकार की नीतियों की सराहना की जाए.' ट्वीट में लिखा, 'भाजपा मर्सल के डायलॉग हटाने की मांग कर रही है. आप कल्पना कीजिए, आज की परिस्थिति में अगर 'पराशक्ति' जैसी फिल्म रिलीज हुई होती तो क्या होता.' एक दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा, 'फिल्म निर्माताओं के लिए सूचना : कानून आने वाला है, अब आप केवल वही वृत्तचित्र बना सकते हैं, जिसमें सरकार की सराहना की जाए.'

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »