पिता की 10-20 शादियां, मां का संघर्ष... ‘मर्दों से नफरत’ की वजह है इंफ्लुएंसर का ट्रॉमैटिक बचपन

मोहनलाल वाले मलयालम बिग बॉस में एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर श्रीलक्ष्मी अरैकल ने अपने बचपन से जुड़ा एक शॉकिंग खुलासा किया. उन्होंने बताया कि उनके पिता ने कई सारी शादियां कीं, जिसके कारण उनका बचपन ट्रॉमा में बीता.

Advertisement
मलयालम एक्ट्रेस ने अपने बचपन को किया याद (Photo: ITGD) मलयालम एक्ट्रेस ने अपने बचपन को किया याद (Photo: ITGD)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 06 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 8:20 AM IST

मलयालम भाषा में आना वाला बिग बॉस सीजन 8, जिसे मोहनलाल होस्ट करते हैं, उसकी एक कंटेस्टेंट का बयान इस समय काफी वायरल हो रहा है. सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और 'फेमिनिस्ट' श्रीलक्ष्मी अरैकल ने शो के दौरान बताया कि उन्हें क्यों मर्दों से नफरत करने वाली कहा जाता है. इसके पीछे उनके बचपन का ट्रॉमा है, जिसे उन्होंने लोगों के साथ शेयर किया था. 

श्रीलक्ष्मी ने बताया कि उनके पिता ने उनकी मां समेत करीब 10 से 20 महिलाओं से शादी की थी. उन्होंने अपने पिता को ‘शादी का धोखा देने वाला इंसान बताया. इंफ्लुएंसर के मुताबिक, उनके पिता की वजह से ही उनके मन में उनके लिए आज भी बहुत गुस्सा और नफरत है. इसी वजह से कई लोग उनकी इस सोच को ‘मिसैंड्री’ यानी पुरुषों से नफरत के तौर पर देखते हैं.

Advertisement

मां ने अकेले की परवरिश

श्रीलक्ष्मी ने अपनी मां को अपना रोल मॉडल बताया. उन्होंने कहा कि उनका जन्म सी-सेक्शन से हुआ था और उनके जन्म के सिर्फ छह महीने बाद ही उनकी मां को काम पर जाना पड़ा. उनकी दादी भी अक्सर बीमार रहती थीं, इसलिए घर की जिम्मेदारी काफी हद तक उनकी मां पर ही थी. उनकी मां ने उन्हें पालने के लिए कई तरह के काम किए.

वो पेंटिंग से लेकर रबर टैपिंग तक का काम करती थीं. इतना ही नहीं, घर में आमतौर पर मर्दों से करवाए जाने वाले काम भी उनकी मां खुद करती थीं. श्रीलक्ष्मी अरैकल ने कहा कि अपनी मां को इस तरह संघर्ष करते हुए देखकर ही वो बचपन से आत्मनिर्भर बनना सीख गईं. वो करीब छठी-सातवीं क्लास से राशन की दुकान तक अकेले जाने और घर के दूसरे जरूरी काम करने लगी थीं.

Advertisement

गरीबी ने पढ़ाई के लिए किया मोटिवेट

श्रीलक्ष्मी आगे बताती हैं कि उनके जन्म के बाद उनकी मां को लगा था कि उनकी जिंदगी पूरी तरह बर्बाद हो गई. लेकिन पढ़ाई में उनकी अच्छी परफॉर्मेंस मां के लिए उम्मीद की किरण बन गई. पहली क्लास से ही वो पढ़ाई में हमेशा आगे रही हैं. बाद में उन्होंने बैचलर ऑफ साइंस (फिजिक्स) में रैंक भी हासिल की.

श्रीलक्ष्मी के मुताबिक, उनके लिए पढ़ाई सिर्फ एक उपलब्धि नहीं थी, बल्कि जिंदगी में आगे बढ़ने का जरिया थी. गरीबी ने उन्हें पढ़ने और कुछ बनने के लिए सबसे ज्यादा मोटिवेट किया, क्योंकि उनके पास कामयाब होने का कोई दूसरा रास्ता नहीं था. 

आज वो जिस मुकाम पर हैं, उसमें उनके पिता की भी एक तरह से भूमिका है, क्योंकि उनकी वजह से उन्हें जिस तरह की जिंदगी और संघर्ष मिला, उसी ने उन्हें मजबूत बनाया. उन्होंने कहा कि वो अपनी जिंदगी के बारे में खुलकर इसलिए बात कर पाती हैं क्योंकि उनके घर में पितृसत्ता जैसा माहौल नहीं था. अपने मुश्किल बचपन और तमाम परेशानियों के बावजूद उन्होंने अपनी पहचान खुद बनाई.

श्रीलक्ष्मी अरैकल की बात करें, तो फिलहाल वो मोहनलाल के शो से बाहर हो गई हैं. लेकिन उनकी आत्मनिर्भर बनने की कहानी शायद कई लड़कियों को जीवन में हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »