पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में इजरायल की स्पाई-थ्रिलर सीरीज फौदा खूब देखी जा रही है. पाकिस्तानियों में फौदा को लेकर एक अलग क्रेज देखने को मिल रहा है. ऐसे में सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे हैं कि पाकिस्तान अपने दुश्मन देश इजरायल की सीरीज को इतना क्यों देख रहा है?
सोशल मीडिया पर लगातार लोग पाकिस्तान में फौदा के क्रेज को लेकर बातें कर रहे हैं. जिस देश को पाकिस्तान ने राष्ट्र के तौर पर भी मान्यता नहीं दी और जिससे उसके राजनयिक संबंध तक नहीं है. उसी देश की बनाई सीरीज वहां क्यों देखी जा रही है? जवाब सिर्फ इतना भर नहीं है कि ये कोई जासूसी और एक्शन सीरीज है बल्कि पाकिस्तानियों में उस इजरायल और फिलिस्तीनियों के बीच उस संघर्ष को दुश्मन की नजर से देखने की जिज्ञासा भी है.
2026 में वेस्ट एशिया में तनाव के बीच फौदा और तेहरान जैसे जियोपॉलिटिकल थ्रिलर काफी पॉपुलर हुए हैं. ऑडियंस फिक्शनल स्टोरीज के जरिए मौजूद संघर्षों को समझने की कोशिश भी करती है. इस बार की सीरीज में इजरायल पर हमास के सात अक्टूबर के हमले की टाइमलाइन का होना भी क्रेज का बड़ा कारण माना जा रहा है.
दिलचस्प बात यह है कि फौदा देखने का अनुभव पाकिस्तानी दर्शकों के लिए सिर्फ एक स्पाई थ्रिलर देखने जैसा नहीं है. यह उस देश की बनाई कहानी को देखने जैसा भी है, जिसे पाकिस्तान आधिकारिक तौर पर मान्यता नहीं देता. ऐसे में सीरीज की कहानी, इजरायली अंडरकवर ऑपरेशंस और फिलिस्तीनी किरदारों को जिस नजर से पेश किया गया है, वह दर्शकों के लिए स्वाभाविक रूप से जिज्ञासा पैदा कर सकता है.
पाकिस्तान में फौदा देखने के क्रेज के पीछे एक बड़ा फैक्टर दुश्मन की कहानी को लेकर क्यूरोसिटी बताई जा रही है. फौदा इजरायली अंडरकवर ऑपरेटिव और फिलिस्तीनी मिलिटेंट के कॉन्फ्लिक्ट को दिखाती है. पाकिस्तानी दर्शकों के लिए इजरायल-फिलीस्तीन संघर्ष पहले से ही पॉलिटिकली और इमोशनली रेलेवेंट है इसलिए पाकिस्तान में इस सीरीज को लेकर क्रेज नजर आ रहा है.
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इस सीरीज में अरबी डायलॉग से लेकर फिलिस्तीनी कैरेक्टर हैं. उनकी निजी जिंदगी को भी काफी प्रमुखता से दिखाया गया है. इसी वजह से अरब दर्शकों में भी शो को लेकर गजब क्रेज देखने को मिल रहा है. यह शो इजरायल-फिलिस्तीन के ह्यूमन डायमेंशन को भी दिखाता है.
हालांकि फौदा की लोकप्रियता का मतलब यह नहीं है कि दर्शक इसके नैरेटिव से सहमत भी हैं. पांचवें सीजन को लेकर खासतौर पर इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष को जिस तरह से दिखाया गया है, उस पर खूब चर्चा हो रही है.
बता दें कि फौदा का सीजन 5 आठ सितंबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुआ. इसके बाद सात से 13 सितंबर के बीच नेटफ्लिक्स डेटा के मुताबिक ये 21 लाख ग्लोबल व्यू के साथ गैर अंग्रेजी सीरीज में चौथे नंबर पर पहुंच गया. ये फौदा की अब तक की सबसे हाई रैंकिंग हैं. सीरीज 41 देशों में टॉप 10 में है और लेबनान में शो नंबर वन है.
कैसी है Fauda Season 5?
अगर आपको तेज रफ्तार वाली जासूसी और एक्शन सीरीज पसंद हैं तो Fauda Season 5 आपको बांधे रखती है. पहले तीन एपिसोड में चेजिंग सीक्वेंस जबरदस्त हैं, गोलियां हैं, अंडरकवर मिशन हैं और लगातार बढ़ता तनाव है लेकिन इस बार इन सबके साथ एक और कहानी चल रही है. अपने लोगों को खो चुके उन लोगों की कहानी, जो दर्द से निकलने के बजाय बदला चुनते हैं.
7 अक्टूबर की त्रासदी इस पूरे सीजन पर छाई हुई है. यही वजह है कि डोरोन का नया मिशन सिर्फ दुश्मन का पीछा करने की कहानी नहीं रह जाता. यह दर्द, गुस्से और बदले की कहानी भी बन जाता है और फिलहाल शुरुआती तीन एपिसोड देखकर इतना जरूर कहा जा सकता है कि Fauda का पांचवां सीजन डोरोन की कहानी में फिर वही तनाव और एड्रेनालिन लेकर आया है, जिसके लिए यह सीरीज जानी जाती है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क