11 साल की बेटी नहीं, श्वेता तिवारी से तलाक के बदले Ex-पति ने लिए 93 लाख, क्यों? सालों बाद बताई वजह

एक्ट्रेस श्वेता तिवारी के इस दावे पर कि उन्होंने अपनी बेटी पलक तिवारी के बजाय 93 लाख रुपये का फ़्लैट चुना, राजा चौधरी ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने क्या कहा, जानिए

Advertisement
श्वेता तिवारी पर बोले राजा चौधरी (Photo: Screengrab) श्वेता तिवारी पर बोले राजा चौधरी (Photo: Screengrab)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 29 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:46 PM IST

टीवी की जानी-मानी एक्ट्रेस श्वेता तिवारी और उनके पूर्व पति राजा चौधरी के बीच वर्षों पुराने तलाक का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है. दरअसल, श्वेता तिवारी ने सालों पहले दावा किया था कि राजा चौधरी ने 11 साल की बेटी पलक तिवारी की कस्टडी छोड़ने के बदले उनसे 93 लाख रुपये का फ्लैट मांगा था. अब लंबे समय बाद राजा चौधरी ने इस गंभीर आरोप पर अपनी चुप्पी तोड़ी है और सिद्धार्थ कन्नन को दिए एक इंटरव्यू में अपनी तरफ की पूरी कहानी पेश की है. 

Advertisement

राजा ने श्वेता के इस दावे को पूरी तरह से नकारते हुए कहा कि श्वेता ने अपनी सहूलियत के हिसाब से बातों को घुमा-फिराकर मीडिया के सामने पेश किया. राजा के अनुसार, वह उस समय अपनी जिंदगी में ऐसे मोड़ पर खड़े थे जहां उन्हें केवल मानसिक शांति और सिर छिपाने के लिए एक छत की दरकार थी, जिसे 'बेटी की कुर्बानी' का नाम दे दिया गया.

श्वेता तिवारी का पुराना आरोप
तलाक के समय श्वेता तिवारी ने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी लीगल टीम ने शुरुआत में राजा चौधरी और बेटी पलक तिवारी के नाम पर प्रॉपर्टी की जॉइंट ओनरशिप का प्रस्ताव रखा था. श्वेता के अनुसार, राजा ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और अकेले मालिकाना हक की मांग की. श्वेता ने तब कहा था, 'मैं यह सुनकर हैरान रह गई थी जब राजा ने कहा कि वह प्रॉपर्टी के लिए अपनी बेटी की कस्टडी छोड़ देंगे. उन्होंने कहा कि मुझे फ्लैट दे दो और मैं तुम्हें तलाक दे दूंगा.' इस तरह श्वेता को राजा को 93 लाख रुपये का एक बेडरूम वाला फ्लैट देना पड़ा, जिसके बदले में राजा तलाक के कागजात पर दस्तखत करने और पलक की कस्टडी न मांगने पर सहमत हुए थे.

Advertisement

राजा चौधरी का आया रिएक्शन
अब सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत में राजा चौधरी ने अपना पक्ष रखा. उन्होंने बताया, '2007 में हम अलग हो गए थे और मामला फैमिली कोर्ट में चला गया. मुझे लगता है कि 2007 से 2012 के बीच श्वेता 10 बार भी कोर्ट नहीं आई होंगी, जबकि मैं हर तारीख पर वहां मौजूद रहता था.' राजा ने आगे बताया कि कोर्ट ने उन्हें एक तय जगह पर बेटी पलक से मिलने की इजाजत दी थी, लेकिन श्वेता उसे कभी मिलने नहीं लाती थीं.

मुश्किल दौर और फ्लैट का असली सच
राजा चौधरी ने बताया कि उस दौर में वह कई अन्य विवादों और कानूनी मामलों में उलझ गए थे, जिसकी वजह से कोई भी उन्हें किराए पर मकान देने को तैयार नहीं था. वह मानसिक रूप से बेहद तंग आ चुके थे. फ्लैट की सच्चाई बताते हुए राजा ने कहा कि वह 1BHK फ्लैट उनके पिता ने तब खरीदा था जब उनकी श्वेता से शादी हुई थी. डाउन पेमेंट उनके पिता ने की थी और उसकी EMI हम दोनों  (राजा-श्वेता) मिलकर भर रहे थे. राजा के मुताबिक, वह फ्लैट महज 9 लाख रुपये में खरीदा गया था.

तलाक के समझौते पर बात करते हुए राजा ने कहा, 'मैंने बस इतना कहा कि यह फ्लैट मुझे दे दो और तुम अपना साम्राज्य, अपने बच्चे और जो भी तुम्हें चाहिए, रख लो. मेरी जिंदगी से निकल जाओ और मुझे शांति दो.' राजा ने अफसोस जताते हुए कहा कि श्वेता ने इस बात को पूरी तरह बदल दिया. उन्होंने कहा, 'अरे बलिदान तक बात कहां पहुंच गई यार? अगर कोई इंसान रहने के लिए छत और शांति से जीने की जगह ढूंढ रहा है, तो उसने क्या बलिदान मांग लिया? तुम इन दो बातों को कैसे मिला सकती हो कि बच्चा ले जाओ या दौलत ले जाओ?'

Advertisement

राजा चौधरी ने यह भी कहा कि श्वेता का दावा केवल तब जायज ठहराया जा सकता था जब वह उनकी सारी जॉइंट प्रॉपर्टीज पर कब्जा जमा लेतीं. हालांकि, उन्होंने अपनी उन सभी शेयर संपत्तियों से अपना अधिकार खुद छोड़ दिया था, जिनमें उन्होंने खुद निवेश किया था. अंत में राजा ने चुटकी लेते हुए यह भी कहा कि अगर उन्हें जिंदगी में कभी तीसरी बार शादी करनी पड़ी, तो वह सबसे पहले प्री-नप (विवाह पूर्व समझौता) साइन करना पसंद करेंगे.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »