'बैन करना है तो करो… मेरी कमाई क्यों रोकना?' विमल इलायची AD विवाद के बीच शाहरुख का बयान वायरल

एफडीए ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को जारी किए गए नोटिस में उनसे 15 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा है. उनसे सबूत पेश करने को कहा है कि विमल इलायची वाकई में एक अलग प्रोडक्ट है.

Advertisement
विमल इलायची विज्ञापन पर घिरे शाहरुख खान. (Photo: PTI) विमल इलायची विज्ञापन पर घिरे शाहरुख खान. (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:45 AM IST

शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं. महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर इन तीनों स्टार्स को नोटिस जारी किया है. एफडीए का आरोप है कि विमल इलायची के विज्ञापन के जरिए राज्य में प्रतिबंधित विमल पान मसाला का अप्रत्यक्ष तौर पर प्रचार किया जा रहा है. ऐसे में नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर इनसे जवाब मांगा गया है. अब ऐसे में शाहरुख का एक पुराना बयान वायरल हो रहा है. 

Advertisement

शाहरुख पहले भी कह चुके हैं कि अगर किसी तरह का कोई प्रोडक्ट लोगों के लिए स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है तो सरकार को वह तुरंत बैन कर देना चाहिए. कुछ साल पहले एक इंटरव्यू के दौरान जब शाहरुख से यह पूछा गया था कि सरकार ने सेलिब्रिटीज को ऐसे किसी प्रोडक्ट का विज्ञापन नहीं करने की सलाह दी है जो स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है और बच्चों को प्रभावित करता है. ऐसे में इसके जवाब में शाहरुख ने कहा था कि अगर सरकार किसी उत्पाद को नुकसानदेह मानती है तो उसे बाजार में बेचने की अनुमति ही नहीं देनी चाहिए.

उन्होंने कहा था कि अगर सिगरेट खराब है तो उसका उत्पादन बंद करो, अगर सॉफ्ट ड्रिंक खराब है तो उसे बनने मत दो. सरकार ऐसे उत्पादों को इसलिए नहीं रोकती क्योंकि उनसे उसे रेवेन्यू मिलता है. ऐसे में एक्टर की कमाई रोकने की बात क्यों होती है? शाहरुख ने साफतौर पर कहा था कि वह एक्टर हैं और उनका मकसद काम कर उससे कमाई करना है. अगर किसी चीज को गलत माना जाता है तो उसे बनाने और बेचने पर ही रोक लगनी चाहिए. लेकिन बता दें कि यह बयान शाहरुख ने सॉफ्ट ड्रिंक के विज्ञापन पर मचे विवाद के बाद दिया था. 

Advertisement

नोटिस में क्या कहा गया है?

एफडीए ने नोटिस में तीनों स्टार्स से सबूत पेश करने को कहा है कि विमल इलायची वाकई में एक अलग प्रोडक्ट है, जो मार्केट में बिकता है या फिर यह बैन हुए विमल पान मसाला और तंबाकू उत्पादों को प्रमोट करने के लिए बनाया गया महज एक सरोगेट या ब्रांड-एक्सटेंशन एड है. 

एफडीए ने उन सभी टीवी चैनलों, डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जानकारी मांगी है, जहां यह एड टेलीकास्ट या पब्लिश हुआ. साथ ही इसके एयरटाइम की समयावधि भी बताने को कहा गया है. इसके अलावा, नोटिस में एक्टर्स से यह साफ करने को कहा गया है कि उनके और ब्रांड ऑनर के बीच किस तरह का कमर्शियल या लीगल एग्रीमेंट हुआ है. तीनों एक्टर्स को नोटिस मिलने की तारीख से 15 दिनों के अंदर अपना लिखित जवाब और जरूरी दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया गया है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »