ड्रग्स केस: रिया चक्रवर्ती को कैसे मिली बेल, क्या है धारा 27 ए?

बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने रिया समेत तीन लोगों को जमानत दी. हालांकि, ये ज़मानत सशर्त दी गई है. रिया के भाई शोविक और एक अन्य की जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया है. 

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रिया चक्रवर्ती को मिली बेल रिया चक्रवर्ती को मिली बेल

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 2:24 PM IST
  • रिया चक्रवर्ती को बॉम्बे हाईकोर्ट से जमानत
  • अदालत ने सशर्त दी है बेल

फिल्म अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती को करीब एक महीने के बाद बेल मिल गई है. ड्रग्स केस कनेक्शन में नारकोटिक्स ब्यूरो ने रिया को गिरफ्तार किया था, लेकिन बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने रिया समेत तीन लोगों को जमानत दी. हालांकि, ये ज़मानत सशर्त दी गई है. रिया के भाई शोविक और एक अन्य की जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया है. 

कैसे मिली रिया को बेल, वकील ने क्या कहा?
अदालत में रिया चक्रवर्ती के वकील सतीश मानशिंदे की ओर से तर्क दिया गया कि रिया पर NDPS के तहत लगा 27A के एक्ट गलत है. रिया को गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया और इतने दिनों तक जेल में रखा गया. लंबी बहस के बाद अदालत ने इस मामले में रिया को जमानत दे दी.

वकील सतीश मानशिंदे ने कहा कि हमने कोर्ट के सामने अपनी ओर से सबूत रखे और कुछ धाराओं के बारे में बताया, जिसे जज ने स्वीकार किया. रिया को जिस तरह अरेस्ट किया गया वो गलत है. तीन केंद्रीय एजेंसियों (CBI, ED, NCB) के द्वारा जो व्यवहार किया गया वह गलत रहा.

एनसीबी के मुताबिक, रिया ने अपना क्रेडिट कार्ड सैमुअल मिरांडा को दिया था, जिसने दस हजार रुपये निकाल कर 5 ग्राम बड खरीदा था. ऐसे में रिया के वकील सतीश मानशिंदे का कहना है कि इससे साबित होता है कि रिया ने सीधे तौर पर ड्रग्स नहीं खरीदे थे. 

क्या है एनडीपीएस एक्ट की धारा 27 (ए)?
आपको बता दें कि रिया चक्रवर्ती ने NCB से पूछताछ में शुरुआत में इस बात को कबूला था कि उन्होंने भी ड्रग्स का सेवन किया है. हालांकि, वो सुशांत के मिलने से पहले ये छोड़ चुकी थीं. जिसके बाद NCB ने उनपर 27ए के तहत केस दर्ज किया था. नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टंस एक्ट, 1985 (NDPS एक्ट) मादक दवाओं से संबंधित एक कठोर कानून है. इसकी धारा 27 के तहत, अगर कोई नारकोटिक ड्रग्स यानी नशीले पदार्थ का सेवन करता है, तो यह कृत्य भी दंडनीय अपराध है. 

साथ ही इस धारा के क्लॉज (ए) में कहा गया है कि सरकार द्वारा सूचितबद्ध किए गए कोकीन, मॉर्फीन जैसे अन्य नारकोटिस ड्रग्स का सेवन करने का दोषी पाए जाने पर एक साल कारावास या 20 हजार रुपये का जुर्माना या फिर दोनों एक साथ सजा के तौर पर दिए जा सकते हैं.

सुशांत केस में इस धारा का इस्तेमाल काफी बार किया गया है, करीब दस लोगों को इसी धारा के तहत गिरफ्तार किया गया है. रिया के भाई शोविक पर भी ये धारा लगाई गई है. इस एक्ट की अलग-अलग क्लॉज़ में 6 महीने से लेकर 20 साल तक की सज़ा सुनाए जाने का प्रावधान है. 

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