'कश्मीर में ब्लास्ट होते देखा...', जब कुणाल खेमू ने शेयर की बचपन की यादें

कुणाल खेमू आज बॉलीवुड की जाने-मानी हस्ती हैं. उनका एक्टर बनने का कोई सपना नहीं था. उन्होंने कश्मीर में बिताए बचपन से लेकर एक्टर बनने तक के बारे में पूरी बातें बताईं.

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एक्टर कुणाल खेमू ने श्रीनगर में बिताए दिनों को किया याद एक्टर कुणाल खेमू ने श्रीनगर में बिताए दिनों को किया याद

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 21 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:48 PM IST

बॉलीवुड एक्टर कुणाल खेमू आज एक एक्टर के साथ निर्देशक के रूप में भी अपनी अच्छी पहचान बना चुके हैं. उन्होंने बताया कि उनको एक्टर बनने में कोई रूची नहीं थी और पहली बार कैमरे से सामना अचानक ही हुआ था. एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कश्मीर में बिताए बचपन से लेकर फिल्म एक्टर बनने तक की पूरी कहानी बताई.

कैमरे के सामने जाने से डरता था

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एक इंटरव्यू के दौरान कुणाल ने कश्मीर में बिताए अपने बचपन के दिनों को याद किया. उन्होंने कहा, 'मैं एक एक्सीडेंटल एक्टर हूं. 6 और 7 साल की उम्र में मुझे एक्टर बनने की कोई एंबीशन नहीं थी. मैंने अपने पेरेंट्स को 'गुल गुलशन गुलफाम' शो करते हुए देखा था. इससे पहले भी मैं कई सारे सेट पर गया और मैंने अपने पिता को काम करते हुए देखा. मुझे इस काम में कोई भी इंटरेस्ट नहीं. मैं कैमरे के सामने जाने से डरता था.'

'गुल गुलशन गुलफाम' के तकरीबन डेढ़ साल बाद कुणाल अपने माता-पिता के साथ मुंबई आ गए. यह शो बनाने वाले निर्देशक ने दूरदर्शन के एक और शो के लिए काम शुरू किया और उनके परिवार से संपर्क किया. वह कुणाल को अपने फिल्म में लेने की बात कही. इसके बाद उनको आमिर खान की फिल्म 'हम हैं राही प्यार के' मिल गई.

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'हम हैं राही प्यार के' से मिली पहचान

'हम हैं राही प्यार के' फिल्म ने कुणाल खेमू को एक चाइल्ड एक्टर के रूप में पहचान दिलाई. जिसके बाद वह फिल्म 'जख्म' में नजर आएं. इस फिल्म के बाद उन्होंने फिल्मों में करियर बनाने के बारे में सोचा. उस समय कुणाल क्लास 10 में थे और उनको अपनी पढ़ाई भी पूरी करनी थी इसलिए उन्होंने फिल्म से पांच साल का ब्रेक लिया और अपनी ग्रेजुएशन पूरी की. हालांकि वह उस बीच में थिएटर करते रहें.

कश्मीर में बम विस्फोट होते देखा...

कुणाल खेमू का बचपन श्रीनगर में बीता था. वह उस समय करीब छह साल के थे. उन्होंने कश्मीर में अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए बताया कि उस समय घाटी में तनाव का माहौल था. लेकिन वह उस समय छोटे बच्चे थे इसलिए वह उस सब के बारे में कुछ नहीं जानते थे.

उन्होंने कहा 'मुझे कश्मीर की सबसे अच्छी चीजें जो याद है वह है मेरा स्कूल, परिवार के साथ डल लेक और पहलगाम जाना है.' उन्होंने कहा, 'छह साल की उम्र में आपको असल में पता नहीं होता कि क्या हो रहा है. आपके पेरेंट्स और परिवार आपको हर तरह से बचाने की कोशिश करते हैं, लेकिन फिर भी कुछ बातें आपके कानों तक पहुंच ही जाती हैं.'

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कुणाल ने बचपन के सबसे डरावने यादों के बारे में बताया जो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था. उन्होंने कहा, 'हम अंदर थे और अपने कजिन के साथ  खेल रहे थे. मुझे याद है कि अचानक एक जोरदार झटके से मैं उछलकर दूर जा गिरा. मुझे कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा था, बस धुआं और कांच टूटते हुए दिखाई दे रहा था. सब कुछ मुझे किसी फिल्म के सीन जैसा दिखाई दे रहा था. वहां अचानक से अंधेरा भी छा गया.'

कुणाल ने वहां हुई पत्थरबाजी की भी बातें बताई. उन्होंने कहा कि इसके बाद उनका परिवार मुंबई शिफ्ट हो गया. बॉलीवुड एक्टर कुणाल खेमू की फिल्म 'वाइब' इन दिनों खूब चर्चा में बनी हुई है. फिल्म दर्शकों को खूब पसंद आ रही है. कुणाल खेमू ने बतौर हीरो फिल्म 'कलयुग' से अपने करियर की शुरुआत की. इसके बाद उन्होंने बहुत सारे सुपरहिट फिल्में दी जिसमें 'गो गोआ गॉन', 'गोलमाल 3', 'कलंक' और 'मलंग' शामिल हैं.

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