उमर खालिद की फिल्म पर लगा ब्रेक! CBFC के ऐतराज के बाद IIIT में स्क्रीनिंग रद्द, मचा बवाल

उमर खालिद की डॉक्यूमेंट्री पर फिर विवाद खड़ा हो गया है. CBFC ने बिना सर्टिफिकेट स्क्रीनिंग पर सवाल उठाया, जिसके बाद IIIT-H का कार्यक्रम रद्द हुआ.

Advertisement
उमर खालिद की फिल्म पर होल्ड (Photo: ITGD) उमर खालिद की फिल्म पर होल्ड (Photo: ITGD)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 18 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 6:10 PM IST

उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘Prisoner No. 626710 is Present’ एक बार फिर विवादों में है. इस बार मामला हैदराबाद के IIIT-Hyderabad का है, जहां छात्रों के एक समूह ने शुक्रवार शाम 8 बजे डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग का कार्यक्रम रखा था. लेकिन फिल्म चलने से पहले ही CBFC की एंट्री हो गई और बोर्ड ने स्क्रीनिंग पर सवाल खड़े कर दिए.

Advertisement

CBFC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि जिस डॉक्यूमेंट्री को बोर्ड से सर्टिफिकेट नहीं मिला है, उसकी सार्वजनिक स्क्रीनिंग सिनेमैटोग्राफ एक्ट के तहत नियमों का उल्लंघन हो सकती है, जब तक कि इसके लिए कानून के तहत विशेष छूट न ली गई हो. CBFC ने अपने पोस्ट में IIIT-Hyderabad को टैग करते हुए जरूरी कार्रवाई पर ध्यान देने को कहा.

फिल्म चलती, उससे पहले ही मामला गर्म हो गया

डॉक्यूमेंट्री के निर्देशक ललित वचानी हैं और फिल्म उमर खालिद की गिरफ्तारी और जेल में रहने की कहानी पर केंद्रित है. खालिद को सितंबर 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े कथित बड़ी साजिश के मामले में गिरफ्तार किया गया था. उन पर UAPA समेत कई धाराओं के तहत आरोप हैं और वह गिरफ्तारी के बाद से हिरासत में हैं.

Advertisement

CBFC की आपत्ति के बाद छात्रों ने प्रस्तावित स्क्रीनिंग रद्द कर दी. रिपोर्ट्स के मुताबिक IIIT-Hyderabad के निदेशक ने छात्रों को बताया कि संस्थान के किसी भी स्पेस- यहां तक कि क्लासरूम, लैब या ऑफिस में बिना जरूरी अनुमति के ऐसी स्क्रीनिंग नहीं की जाएगी.

हालांकि संस्थान ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम IIIT-Hyderabad की कराई या आधिकारिक तौर पर होस्ट नहीं किया गया था और उसने खुद को प्रस्तावित स्क्रीनिंग से अलग बताया.

बेंगलुरु में भी पहले मचा था बवाल

दिलचस्प बात ये है कि उमर खालिद पर बनी इसी डॉक्यूमेंट्री को लेकर कुछ दिन पहले बेंगलुरु की National Law School of India University (NLSIU) में भी मामला गरमा चुका है. वहां 14 सितंबर को स्क्रीनिंग प्रस्तावित थी, लेकिन Law and Society Committee ने इसे लॉजिस्टिक और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टाल दिया. समिति ने कहा था कि कार्यक्रम रद्द नहीं किया गया है और जरूरी इंतजाम के बाद इसी ट्राइमेस्टर में स्क्रीनिंग आयोजित की जाएगी.

दूसरी तरफ ABVP ने स्क्रीनिंग का विरोध किया था और इसे स्थायी रूप से रद्द करने की मांग की थी. ABVP का कहना था कि कैंपस को इस तरह के राजनीतिक कार्यक्रमों का मंच नहीं बनाया जाना चाहिए. संगठन ने स्क्रीनिंग रद्द करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग भी की.

Advertisement

अब सवाल डॉक्यूमेंट्री से बड़ा हो गया है

IIIT-Hyderabad में CBFC की आपत्ति और NLSIU में स्क्रीनिंग टलने के बाद मामला अब सिर्फ एक डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग तक सीमित नहीं दिख रहा. इसके साथ कैंपस में फिल्म स्क्रीनिंग, सेंसर सर्टिफिकेशन, अभिव्यक्ति की आजादी और संस्थानों के नियमों को लेकर भी बहस तेज हो गई है.

फिलहाल इतना साफ है कि ‘Prisoner No. 626710 is Present’ की स्क्रीनिंग जहां भी प्रस्तावित हो रही है, वहां फिल्म से पहले ही विवाद पहुंच जा रहा है. हैदराबाद में CBFC की आपत्ति के बाद शो रद्द हो गया है, जबकि बेंगलुरु में इसे पहले ही टाला जा चुका है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »