'किताबों में मुगलों को हटाने से पहले खाने से कबाब हटाओ', बोलकर फंसी ट्विंकल खन्ना, भड़के लोग

ट्विंकल खन्ना ने अपने स्पेशल कॉलम में तंज कसते हुए मुगलों के इतिहास को हटाए जाने से पहले खाने से मुगल खाने को हटाने की बात लिखी थी. मगर ये तंज अब उन्हीं पर भारी पड़ चुका है. उन्हें लोगों की तरफ से भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा है.

Advertisement
ट्विंकल के कारण छिड़ा विवाद! (Photo: PTI) ट्विंकल के कारण छिड़ा विवाद! (Photo: PTI)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 06 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:06 PM IST

अक्षय कुमार की पत्नी ट्विंकल खन्ना विवादों से घिर चुकी हैं. अपने हालिया 'मिसेज फनीबोन्स' कॉलम में उन्होंने देश में खाने को लेकर चल रही तुकाराम मुंढे की छापेमारी पर मजाकिया अंदाज में कुछ बातें लिखी थीं. इसमें एक्ट्रेस-राइटर ने मुगलों के इतिहास को हटाने जैसी बात का भी जिक्र किया. ट्विंकल के बयान से कई लोग नाराज हुए. 

क्या बोली थीं ट्विंकल?

Advertisement

दरअसल, अक्षय की पत्नी ट्विंकल खन्ना ने अपने कॉलम में मुगल साम्राज्य को लेकर लिखा था कि जो लोग हमारे इतिहास की किताबों से मुगलों को हटाना चाहते हैं, वो सबसे पहले इसकी शुरुआत लंच से करें. पहले कोफ्ते, कोरमा, कबाब का त्याग करें... आप असली हो या नकली, मुगलई पनीर भी नहीं रख सकते और उसे खा भी नहीं सकते. ट्विंकल के इस स्टेटमेंट से इंटरनेट की एक कंटेंट क्रिएटर शीमा खेर का गुस्सा फूटता नजर आया है. ना सिर्फ शीमा, बल्कि कईं और यूजर्स ने एक्ट्रेस के बयान पर पलटवार किया है.

उन्होंने एक पोस्ट में लंबा नोट शेयर किया, जिसमें वो ट्विंकल खन्ना की आलोचना करती दिखाई दीं. उनका कहना है कि खाने की तुलना एक हिंसक इतिहास से करना ना तो मजेदार है और ना ही समझदारी भरा है. आगे उन्होंने फिल्म 'केसरी' का उदाहरण दिया, जिसमें ट्विंकल के पति अक्षय कुमार की ही मूवी है.

Advertisement

इंटरनेट उठा रहा सवाल

शीमा ने कहा कि केसरी जैसी फिल्में इसलिए बनाई गईं क्योंकि सरागढ़ी की लड़ाई जैसी ऐतिहासिक घटनाओं के बारे में स्कूल की किताबों में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई थी. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर ट्विंकल ने फिल्म देखकर उस दौर की हिंसा को समझा और फिल्म पसंद की, तो इसका मतलब ये तो नहीं कि उसके बाद उन्होंने चिकन या दूसरे व्यंजन खाना छोड़ दिया होगा. 

वो ट्विंकल से सवाल करती हैं कि जब हम इतिहास की हिंसा और संघर्ष पर बनी फिल्में देख सकते हैं, वहां शहीदों की बहादुरी को स्वीकार कर सकते हैं और फिर भी खाना खा सकते हैं, तो इतिहास की चर्चा में अचानक खाने को तर्क के तौर पर क्यों इस्तेमाल किया जा रहा है? अंत में शीमा ने कहा कि मुगल भारत में सिर्फ कबाब और कोरमा जैसी चीजें देने नहीं आए थे. उनके दौर में युद्ध, विजय और खून-खराबा भी हुआ था, इसलिए इतिहास को सिर्फ खाने के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »