एक वक्त फिल्म इंडस्ट्री पर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का बुरा साया था. 2026 में जहां दाऊद की धमक मिट चुकी है. वहीं एक नया खतरा भी पैदा हो गया है. अब मायानगरी के सितारों पर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की दहशत का आतंक देखने को मिल रहा है. 18 अक्टूबर टाइगर श्रॉफ पर लॉरेंस के गुर्गों ने जानलेवा हमला किया. एक्टर की गाड़ी पर 5 राउंड फायरिंग की. टाइगर पर हुई फायरिंग ने सालों पहले के जख्म को फिर से ताजा कर दिया है. जब टी-सीरीज के मालिक गुलशन कुमार पर 16 राउंड फायरिंग हुई थी. टाइगर जहां गोलीबारी में बच निकले, लेकिन गुलशन कुमार को जान से हाथ धोना पड़ा था.
गुलशन कुमार पर दिनदहाड़े फायरिंग
गुलशन कुमार मर्डर केस सालों बाद भी सबसे खौफनाक क्राइम स्टोरीज में काउंट किया जाता है. 12 अगस्त 1997 को उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. उस दिन गुलशन कुमार सुबह के वक्त मुंबई में अंधेरी इलाके में स्थित मंदिर में दर्शन करने गए थे. उस मंदिर में वो रोजाना माथा टेकते थे. लेकिन किसे पता था मंदिर के बाहर मौत उनका इंतजार कर रही थी. जैसे ही वो दर्शन कर बाहर निकले 3 हमलावरों ने उन पर 16 राउंड गोलियां दागी थीं. जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई.
किसने साजिश को दिया था अंजाम?
दिनदहाड़े हुए इस मर्डर ने पूरी इंडस्ट्री को हिला दिया था. लोग सदमे में जा चुके थे. गुलशन कुमार पर हमला प्री-प्लान्ड था. जांच में मालूम पड़ा कि हमलावर करीब दो महीने से गुलशन कुमार की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे. उन्होंने रेकी की और मर्डर के प्लान को अंजाम दिया. पुलिस का मानना था कि गुलशन की हत्या के पीछे दाऊद इब्राहम गैंग था. मर्डर के बाद कई लोगों पर उंगलिया उठीं. 30 अगस्त 1997 को म्यूजिक कंपोजर नदीम अख्तर सैफी को नाम सामने आया. कहा गया कि वो गुलशन कुमार की हत्या की साजिश में शामिल थे.
दोनों के बीच नदीम के एलबम को लेकर बहस होने की चर्चा हुई. हालांकि बाद में नदीम को इस केस में बेकसूर पाया गया. अक्टूबर 1997 को टिप्स म्यूजिक के मालिक रमेश तौरानी को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने दावा किया कि रमेश ने गुलशन कुमार के किलर्स को 25 लाख रुपये दिए थे. लेकिन ये आरोप कोर्ट में साबित नहीं हो पाया और तौरानी बरी हो गए.
नवंबर 1997 में मुंबई पुलिस ने इस हत्याकांड में चार्जशीट दाखिल की. पुलिस ने बताया कि गुलशन कुमार को मारने का प्लान दुबई में बना था. दाऊद के भाई अनीस के ऑफिस में इस प्लानिंग को अंजाम दिया गया था. अप्रैल 2002 में अदालत ने अब्दुल रऊफ उर्फ दाऊद मर्चेंट को हत्या का दोषी ठहराया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई. अब्दुल, गुलशन कुमार पर गोलियां चलाने वालों में एक था.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क