दलेर मेहंदी पर बरसीं सोना मोहपात्रा! बोलीं- मुझे असहज लगे... दर्शकों को बेवकूफ नहीं बना सकते

दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस पर सोना मोहपात्रा ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि दिग्गज कलाकारों के सम्मान के साथ दर्शकों के प्रति जिम्मेदारी भी जरूरी है. जानें पूरा विवाद.

Advertisement
ऑडियंस का भी सम्मान करो- दलेर से बोलीं सोना (Photo: ITGD) ऑडियंस का भी सम्मान करो- दलेर से बोलीं सोना (Photo: ITGD)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 21 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 3:16 PM IST

सिंगर दलेर मेहंदी की उत्तराखंड में हुई परफॉर्मेंस को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और बढ़ता दिख रहा है. जहां मीका सिंह और बादशाह जैसे सिंगर्स दलेर मेहंदी के समर्थन में सामने आए हैं, वहीं सिंगर सोना मोहपात्रा ने इस पूरे मामले पर एक अलग ही सवाल खड़ा कर दिया है. सोना का कहना है कि बड़े और दिग्गज कलाकारों का सम्मान अपनी जगह है, लेकिन जो लोग टिकट खरीदकर उन्हें सुनने आते हैं, उनके साथ भी ईमानदारी होनी चाहिए.

Advertisement

सोना ने दिल्ली में हुए सूफी हेरिटेज फेस्टिवल में दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस देखने का अपना अनुभव शेयर किया. उन्होंने बताया कि वह और उनकी टीम खास तौर पर दलेर मेहंदी का सूफी अंदाज सुनने के लिए रुके थे, लेकिन जो उन्होंने देखा, उससे वे निराश हुए.

दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस देख निराश हुईं सोना मोहपात्रा

सोना मोहपात्रा ने मंगलवार को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए दिल्ली में हुए दूसरे सूफी हेरिटेज फेस्टिवल का अनुभव बताया. उन्होंने कहा कि वह और उनकी टीम दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस देखने के लिए वहां रुके थे, क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि इस बार सिंगर कुछ अलग और सूफी अंदाज में गाते नजर आएंगे.

लेकिन सोना के मुताबिक, परफॉर्मेंस उनकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी. उन्होंने दावा किया कि दलेर मेहंदी गाते समय कुछ असहज और भटके हुए से नजर आए. सोना ने यह भी कहा कि सिंगर सुरों को लंबे समय तक संभाल नहीं पा रहे थे और बार-बार एक ही म्यूजिकल लाइन दोहरा रहे थे.

Advertisement

सोना ने दावा किया कि धीरे-धीरे कुछ दर्शक कार्यक्रम छोड़कर जाने लगे, जबकि उन्होंने इस इवेंट को देखने के लिए पैसे खर्च किए थे. उन्होंने माना कि उस वक्त वह और उनकी टीम असहज और दुखी महसूस कर रहे थे, लेकिन दलेर मेहंदी के प्रति सम्मान के चलते किसी ने कुछ नहीं कहा. हालांकि, अब सोना को लगता है कि उस समय चुप रहना सही था या नहीं, इस पर सवाल उठना चाहिए.

सोना ने लिखा- और फिर भी, हममें से किसी ने कुछ नहीं कहा. न मेरी टीम ने और न मैंने. हम वहां खड़े रहे, असहज और दुखी, लेकिन चुप. सम्मान की वजह से. लेकिन अब एक असहज करने वाला सवाल उठता है. क्या यह वाकई सम्मान था? या फिर अपनी चुप्पी के जरिए हम किसी ऐसी चीज को बढ़ावा दे रहे थे, जिस पर सवाल उठाया जाना चाहिए था?

'दिग्गज कलाकार को सम्मान मिले, लेकिन ऑडियंस को भी ईमानदार परफॉर्मेंस का हक है'

सोना मोहपात्रा ने साफ कहा कि किसी भी सीनियर और अनुभवी कलाकार के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. उन्होंने दलेर मेहंदी के लंबे करियर और उनकी उपलब्धियों का सम्मान करने की बात भी कही. लेकिन उनके मुताबिक, दर्शकों की उम्मीदों और उनके पैसों की भी अहमियत है.

Advertisement

सोना ने लिखा- दो बातें एक साथ सच हो सकती हैं. एक दिग्गज कलाकार को उनकी जिंदगीभर की उपलब्धियों के लिए सम्मान, सहानुभूति और आभार मिलना चाहिए. और दर्शकों को एक ईमानदार परफॉर्मेंस की उम्मीद करने का हक है, या कम से कम तब ईमानदारी से यह स्वीकार किया जाना चाहिए कि जब ऐसा करना अब संभव नहीं रह गया हो.

उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई कलाकार बीमार है या उसकी तबीयत ठीक नहीं है, तो इस स्थिति को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभालना चाहिए. सोना ने लिखा- जो बात स्वीकार नहीं की जा सकती, वह यह है कि दर्शक और आयोजक बार-बार इसका खामियाजा भुगतें, जबकि कलाकार के आसपास मौजूद हर व्यक्ति इस ओर से आंखें मूंद ले.

सोना के मुताबिक, किसी कलाकार की तबीयत खराब होने पर उसे नीचा दिखाना सही नहीं है, लेकिन दर्शकों को बिना किसी स्पष्टीकरण के निराश छोड़ देना भी ठीक नहीं है.

उत्तराखंड के मंत्री की आलोचना पर भी उठाया सवाल

दरअसल, दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस को लेकर विवाद उस वक्त शुरू हुआ, जब उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने नई टिहरी में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान स्टेज पर ही सिंगर को टोक दिया था.

इसके बाद सोशल मीडिया पर मंत्री के व्यवहार को लेकर बहस शुरू हो गई. कई लोगों ने मंत्री के तरीके पर सवाल उठाए, जबकि कुछ लोग दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस को लेकर भी चर्चा करने लगे.

Advertisement

सोना मोहपात्रा ने इस बात पर सवाल उठाया कि कहीं मंत्री के व्यवहार की आलोचना में परफॉर्मेंस से जुड़े मुद्दे पीछे तो नहीं छूट गए. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस बात पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकतीं कि मंत्री ने जिस तरह से अपनी बात रखी, वह सही था या गलत. उनके मुताबिक, दोनों बातें अलग-अलग हैं.

सोना ने कहा- मैं यह बात एक ऐसी कलाकार के तौर पर कह रही हूं, जिसे पता है कि इसके लिए मेरी आलोचना भी हो सकती है. सम्मान कोई एकतरफा हक नहीं है. यह एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी निभाने वाला रिश्ता है. उन्होंने दलेर मेहंदी के योगदान का जिक्र करते हुए आगे लिखा- और दलेर मेहंदी जी की असाधारण विरासत के लिए सच्चे सम्मान के साथ. लेकिन क्या यह जरूरी नहीं है कि हम अपने दर्शकों को भी कुछ सम्मान दें?

क्या है पूरा मामला?

दलेर मेहंदी रविवार को उत्तराखंड के नई टिहरी में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले में परफॉर्म करने पहुंचे थे. कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने स्टेज पर ही उनकी परफॉर्मेंस पर सवाल उठाए. मंत्री ने कहा कि सिंगर को दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए बुलाया गया था.

इसके बाद सोशल मीडिया पर दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस को लेकर कई तरह के दावे किए जाने लगे. कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि सिंगर नशे में थे और ठीक से गा नहीं पा रहे थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.

Advertisement

वहीं, मीका सिंह ने दलेर मेहंदी का समर्थन किया. दूसरी तरफ, ANI से बातचीत में सुबोध उनियाल ने दावा किया कि दलेर मेहंदी लिप-सिंक कर रहे थे. मंत्री ने कहा कि उन्होंने इसलिए सवाल उठाया, क्योंकि इतने बड़े कलाकार से बेहतर परफॉर्मेंस की उम्मीद की जाती है. उन्होंने यह भी दावा किया कि कार्यक्रम के लिए दलेर मेहंदी को 35 लाख रुपये दिए गए थे.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »