1000 करोड़ की नवाबी संपत्ति की इकलौती मालकिन हैं सैफ की बहन सबा! पिता ने सौंपी थी मक्का से जुड़ी विरासत

Who is Saif Ali Khan Sister Saba: सैफ अली खान की बहन सबा अली खान पटौदी परिवार की 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की विरासत से जुड़ी जिम्मेदारी संभालती हैं. जानिए क्या है उनका काम और कहां इस्तेमाल होता है यह पैसा.

Advertisement
पटौदी परिवार की विरासत की मालकिन हैं सबा! (Photo: Screengrab) पटौदी परिवार की विरासत की मालकिन हैं सबा! (Photo: Screengrab)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 14 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 3:06 PM IST

Saba Ali Khan: सैफ अली खान और सोहा अली खान को तो आपने फिल्मों में खूब देखा होगा, लेकिन उनकी बहन सबा अली खान लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करती हैं. वह न तो फिल्मों में नजर आती हैं और न ही अक्सर सुर्खियों में रहती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पर्दे से दूर रहने वाली सबा के कंधों पर पटौदी परिवार की करीब 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की विरासत से जुड़ी एक बड़ी जिम्मेदारी है? यह जिम्मेदारी उन्हें उनके पिता मंसूर अली खान पटौदी उर्फ टाइगर पटौदी ने सौंपी थी. अब सबा ने खुद बताया है कि वह इस विरासत को कैसे संभालती हैं और भविष्य में महिलाओं के लिए क्या करना चाहती हैं.

Advertisement

1000 करोड़ की विरासत, लेकिन निजी इस्तेमाल के लिए नहीं है पैसा

शर्मिला टैगोर और मंसूर अली खान पटौदी की बेटी सबा अली खान ने हाल ही में शी द पीपल टीवी को दिए इंटरव्यू में अपनी जिम्मेदारियों के बारे में बात की. उन्होंने बताया कि वह भोपाल में अपने परिवार की विरासत से जुड़े ‘औकाफ-ए-शाही’ ट्रस्ट की मुतवल्ली हैं.

अब सवाल है कि आखिर मुतवल्ली का मतलब क्या होता है? दरअसल, मुतवल्ली किसी वक्फ की देखरेख और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने वाला व्यक्ति होता है. सबा के मामले में यह जिम्मेदारी भोपाल की ऐतिहासिक इमारतों, मस्जिदों और ट्रस्ट से जुड़ी दूसरी संपत्तियों की देखभाल से जुड़ी है.

जब सबा से पूछा गया कि क्या वह 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की विरासत संभाल रही हैं, तो उन्होंने हां में जवाब दिया. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि इस काम में बड़ी रकम जुड़ी होने का मतलब यह नहीं है कि वह पैसा उनका निजी है या भारत में उनके निजी इस्तेमाल के लिए आता है. यह एक चैरिटेबल व्यवस्था है, जो सऊदी अरब से जुड़े स्वतंत्र लोगों द्वारा संचालित होती है और ट्रस्ट की जिम्मेदारियों से जुड़ी है.

Advertisement

पिता टाइगर पटौदी ने बेटी को क्यों सौंपी इतनी बड़ी जिम्मेदारी?

सबा ने बताया कि भोपाल से जुड़ी जिम्मेदारियों के बारे में उन्हें उनके पिता ने ही समझाया था. टाइगर पटौदी ने उन्हें इस विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी थी.

सबा के मुताबिक, उनके काम में ट्रस्ट के तहत आने वाली मस्जिदों और दूसरी इमारतों की देखभाल, रखरखाव और उनसे जुड़े जरूरी इंतजाम शामिल हैं. इसके अलावा, भोपाल से हज के लिए मक्का और मदीना जाने वाले लोगों के ठहरने की व्यवस्था से जुड़े पारंपरिक रिबात यानी धर्मार्थ गेस्ट हाउस भी इस व्यवस्था का हिस्सा हैं.

सबा ने बताया कि उनके पिता को लगता था कि वह इस जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से निभा सकती हैं. यही वजह है कि उन्होंने परिवार की इस अहम विरासत को संभालने के लिए सबा पर भरोसा जताया.

पुरुषों के दबदबे वाले माहौल में भी नहीं झुकतीं सबा

सबा ने बातचीत में एक और दिलचस्प बात बताई. उनके मुताबिक, मुतवल्ली की यह जिम्मेदारी परंपरागत रूप से परिवार की महिलाओं से जुड़ी रही है. उनके पिता का इस भूमिका में आना एक अपवाद था. अब सबा इस जिम्मेदारी को निभा रही हैं और उन्हें इस पर गर्व है.

उन्होंने माना कि वहां का माहौल काफी हद तक पुरुषों के दबदबे वाला है, लेकिन उन्होंने अपनी जगह मजबूती से बनाई है. सबा ने कहा कि लोग उन्हें सम्मान देते हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि वह अपने काम को गंभीरता से लेती हैं और आसानी से दबाव में नहीं आतीं.

Advertisement

सबा के मुताबिक, यह जिम्मेदारी निभाना उनके लिए सशक्त बनाने वाला अनुभव रहा है. फिल्मों से दूर रहने के बावजूद उन्होंने परिवार की विरासत में अपनी अलग पहचान बनाई है.

लड़कियों और महिलाओं के लिए करेंगी बड़ा काम

सबा के इरादे सिर्फ परिवार की विरासत संभालने तक सीमित नहीं हैं. उन्होंने बताया कि भोपाल की संपत्ति से जुड़े कुछ मामले अभी अदालत में विचाराधीन हैं. जब ये मामले सुलझ जाएंगे, तो वह लड़कियों और महिलाओं के लिए कुछ खास करना चाहती हैं.

उनकी योजना युवा लड़कियों के लिए स्कूल खोलने, महिलाओं के लिए अस्पताल बनाने और ग्रामीण इलाकों में रहने वाली महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की है.

27 साल की उम्र में ब्रेन ट्यूमर का चला था पता

सबा की जिंदगी में मुश्किलें सिर्फ जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रही हैं. हाल ही में अपनी बहन सोहा अली खान के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान उन्होंने बताया था कि 27 साल की उम्र में उन्हें ब्रेन ट्यूमर होने का पता चला था. उन्होंने बताया कि यह ट्यूमर बिनाइन यानी गैर-कैंसरकारी था.

सबा ने उस दौर को याद करते हुए कहा था कि एक दिन सब कुछ सामान्य लगता है और अगले ही दिन पता चलता है कि ब्रेन सर्जरी करवानी पड़ेगी. ऐसा अनुभव इंसान को अंदर तक हिला देता है, लेकिन साथ ही मुश्किलों का सामना करने की ताकत भी देता है.

Advertisement

आखिर भोपाल के नवाब परिवार से कैसे जुड़ा है पटौदी खानदान?

इस पूरी कहानी की जड़ें भोपाल के नवाबी परिवार से जुड़ी हैं. सबा की दादी साजिदा सुल्तान, भोपाल के आखिरी शासक नवाब हमीदुल्लाह खान की बेटी थीं. उनकी बड़ी बहन आबिदा बेगम 1950 में पाकिस्तान चली गई थीं, जिसके बाद साजिदा ने परिवार की विरासत संभाली.

साजिदा सुल्तान की शादी पटौदी के नवाब इफ्तिखार अली खान से हुई थी. उनके बेटे मंसूर अली खान पटौदी मशहूर क्रिकेटर बने और उन्होंने शर्मिला टैगोर से शादी की. इस कपल के तीन बच्चे हैं- सैफ अली खान, सोहा अली खान और सबा अली खान.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »