नाना पाटेकर के निधन की खबर ने फिल्म इंडस्ट्री से लेकर उनके फैंस तक को हिलाकर रख दिया है. 75 साल की उम्र में नाना का गुरुवार सुबह गोवा में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया. उनके जाने के बाद अब अभिनेता का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में नाना ‘नटसम्राट’ नाटक और उसमें काम करने वाले कलाकारों को लेकर ऐसी बात कहते नजर आ रहे हैं, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है.
‘नटसम्राट करने वाला हर शख्स हार्ट अटैक से मरा’
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहा यह वीडियो मूल रूप से एबीपी माझा ने शेयर किया था. वीडियो में नाना एक कार्यक्रम के दौरान ‘नटसम्राट’ नाटक को लेकर बात करते हैं. नाना कहते हैं कि ‘नटसम्राट’ नाटक करने वाले लगभग हर कलाकार की मौत हार्ट अटैक से हुई. वह बताते हैं कि जब उन्हें ‘नटसम्राट’ नाटक करने का ऑफर मिला था, तो उन्होंने इसे करने से मना कर दिया था. नाना ने कहा था कि वह इस किरदार को फिल्म में जरूर निभाएंगे, क्योंकि नाटक में किसी किरदार को निभाने के लिए कलाकार अपनी पूरी जिंदगी झोंक देता है.
नाना ने आगे बताया कि डॉ. लागू, दत्ता भट्ट और चंद्रकांत गोखले जैसे दिग्गज कलाकार ‘नटसम्राट’ नाटक कर चुके थे. नाना के मुताबिक, इन कलाकारों का काम उनके लिए एक तरह का रेफरेंस था और उनके सामने उनका खुद का काम कुछ भी नहीं था.
नाटक नहीं किया, फिल्म में बने ‘नटसम्राट’
नाना पाटेकर ने 2016 में आई फिल्म ‘नटसम्राट’ में गणपत रामचंद्र बेलवलकर का किरदार निभाया था. इस फिल्म में उनकी एक्टिंग को खूब सराहा गया था.
नाना का मानना था कि थिएटर में एक किरदार को निभाना बेहद भारी पड़ता है. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था कि अगर वह भी उसी तरह नाटक में अपनी पूरी जान लगा देते, तो शायद कई साल पहले ही मर जाते. वहीं सिनेमा में निभाया गया किरदार पर्दे पर हमेशा के लिए अमर हो जाता है. आज नाना के निधन के बाद उनका यही पुराना बयान सोशल मीडिया पर लोगों को भावुक कर रहा है.
मौत को लेकर भी नाना ने पहले ही कर रखा था मजाक
नाना पाटेकर की मौत को लेकर नजरिया भी बाकी लोगों से बिल्कुल अलग था. साल 2023 में ‘द वैक्सीन वॉर’ के प्रमोशन के दौरान उन्होंने आज तक से बातचीत में कहा था कि हर इंसान को एक दिन मरना है और उन्होंने अपने अंतिम संस्कार की तैयारी तक कर रखी है.
नाना ने बताया था कि उन्होंने अपने अंतिम संस्कार के लिए करीब 12 मन लकड़ियां अलग से रखी हुई हैं. उन्होंने मजाक में कहा था कि लकड़ियां सूखी हैं और उन्हें इन्हीं से जलाया जाए, गीली लकड़ी का इस्तेमाल न किया जाए.
इसके पीछे की वजह बताते हुए नाना ने कहा था कि गीली लकड़ी से धुआं ज्यादा निकलेगा. इससे वहां मौजूद लोगों की आंखों में पानी आएगा और उन्हें गलतफहमी हो सकती है कि लोग उनके लिए रो रहे हैं. नाना का यह मजाकिया अंदाज अब उनकी मौत के बाद बेहद भावुक कर देने वाला लग रहा है.
आधी रात को बिगड़ी तबीयत, दोस्त को किया था मैसेज
नाना पाटेकर की तबीयत गुरुवार तड़के करीब 2:30 बजे बिगड़ी थी. उन्होंने उस समय अपने एक दोस्त को मैसेज करके बताया था कि उन्हें अच्छा महसूस नहीं हो रहा है और बेचैनी हो रही है. गोवा के मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने मीडिया को बताया कि नाना ने करीब 2:30 बजे अपने दोस्त को मैसेज किया था. हालांकि रात काफी देर हो जाने की वजह से दोस्त उस मैसेज को समय पर ठीक से देख नहीं पाए.
इसके बाद नाना को करीब 4:30 बजे अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की और करीब 45 मिनट तक CPR दिया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका.
नाना पाटेकर को सुबह करीब 5:20 बजे मृत घोषित किया गया. कार्डियक अरेस्ट ने हिंदी सिनेमा के इस दमदार अभिनेता को हमसे छीन लिया. देर रात 11 बजकर 35 मिनट के आसपास उनका अंतिम संस्कार उनके पुणे स्थित फार्म हाउस के पास किया गया.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क