भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. अभिनय की दुनिया में अपने शानदार और यादगार योगदान के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया. अनंत नाग का नाम उन कलाकारों में शामिल है, जिन्होंने अपने अभिनय से न सिर्फ कन्नड़ सिनेमा को आगे बढ़ाया, बल्कि हिंदी समेत कई भारतीय भाषाओं की फिल्मों में भी अपनी अलग पहचान बनाई.
कौन हैं अनंत नाग?
अनंत नाग का जन्म 4 सितंबर 1948 को हुआ था, उनका पूरा नाम अनंत नागरकट्टे है. वो मुख्य रूप से कन्नड़ फिल्मों के अभिनेता हैं, लेकिन उन्होंने हिंदी, तेलुगt, तमिल, मलयालम, मराठी और अंग्रेजी फिल्मों में भी काम किया है. अपने करियर में वो 300 से अधिक फिल्मों का हिस्सा रहे हैं. अभिनय के अलावा अनंत नाग ने थिएटर, सिनेमा और टेलीविजन में भी महत्वपूर्ण काम किया है. उनके अभिनय की खासियत यह रही है कि उन्होंने अपने लंबे करियर में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए हैं. गंभीर भूमिकाओं से लेकर सहज और पारिवारिक किरदारों तक, उन्होंने हर भूमिका में अपनी अभिनय क्षमता साबित की.
अनंत नाग ने कन्नड़ सिनेमा में फिल्म ‘संकल्प’ से बतौर लीड एक्टर शुरुआत की. KGF फिल्म में दमदार अभिनय करके वो नई पीढ़ी के साथ जुड़े. हिंदी सिनेमा में उन्हें ‘अंकुर’, भूमिका, कालीचरण और जुर्म जैसी फिल्मों पहचान मिली. अनंत नाग ने टेलीविजन पर भी काम किया है. उन्हें टीवी शो ‘मालगुडी डेज’ के लिए भी याद किया जाता है. कन्नड़ सिनेमा में वो लंबे समय तक एक भरोसेमंद और सम्मानित कलाकार के रूप में स्थापित रहे.
पीएम मोदी ने दी बधाई
दिग्गज अभिनेता अनंत नाग जी को दादासाहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी है. पीएम नरेंद्र मोदी ने लिखा कि कई दशकों से उनकी सहज अभिनय शैली, प्रतिभा और काबिलियत ने भारतीय सिनेमा, खासकर कन्नड़ सिनेमा, पर गहरा असर छोड़ा है. उन्होंने जिस भी किरदार को निभाया, उसमें उन्होंने दुर्लभ गहराई और प्रामाणिकता भर दी. वो वाकई सम्मान के पूरी तरह हकदार हैं.
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से पहले अनंत नाग को कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है. अब दादासाहेब फाल्के पुरस्कार ने उनके गौरवपूर्ण सफर में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क