मेटा के CEO मार्क जकरबर्ग की माफी चर्चा में है. जुकरबर्ग ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM), डीपफेक और एल्गोरिदम में गंभीर चूक के लिए माफी मांगी थी. ऐसे में कंगना रनौत ने उनकी माफी का स्वागत किया है लेकिन राहुल गांधी पर भी निशाना साधा है.
कंगना ने प्रधानमंत्री मोदी का वीडियो अस्थाई तौर पर हटाने के लिए जकरबर्ग की ओर से मांगी गई माफी पर कहा कि हमें बहुत खुशी है कि उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की. हमें उम्मीद है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में राहत मिलेगी और हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बढ़ते आतंकी खतरों से निपटने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे.
इस दौरान कंगना ने झारखंड में छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर कहा कि हमारे Gen-Z, हमारे बच्चे, लंबे समय से तरह-तरह की परेशानियां झेल रहे हैं. कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली में खूब हंगामा किया. उन्होंने संसद पर हमला करने तक की कोशिश की लेकिन आज जब झारखंड में बच्चों की स्थिति इतनी गंभीर है, तब राहुल गांधी उनसे मिलने तक नहीं जा रहे हैं. लेकिन जब लोगों को भड़काने या देश की सुरक्षा को खतरे में डालने की बात हो, तो राहुल गांधी सबसे पहले आगे आ जाते हैं और देश के लिए खतरा बनते हैं.
बता दें कि मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जकरबर्ग ने पीएम मोदी का फेसबुक पोस्ट हटाए जाने के मामले में भारत सरकार से माफी मांगी है. कंपनी ने यह भी माना कि उसके प्लेटफॉर्म पर चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मैटेरियल, डीपफेक और कंटेंट मॉडरेशन से जुड़ी चूक हुई हैं. कंपनी ने स्वीकार किया कि कुछ खास प्रकार के कंटेंट को बढ़ावा देने के लिए भारी पैसों का भुगतान किया गया था.
सरकारी अधिकारियों ने मेटा को स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह आईटी अधिनियम के तहत इंटरमीडियरी की परिभाषा के दायरे में नहीं आती है. चूंकि मेटा के एल्गोरिदम तय करते हैं कि कौन सा कंटेंट किसे दिखेगा. इसलिए आईटी अधिनियम के तहत 'सेफ हार्बर' सुरक्षा लागू नहीं होती है, उसे कानूनी सेफ हार्बर सुरक्षा का लाभ नहीं दिया जाएगा.
दरअसल, सरकार पीएम मोदी का वीडियो फेसबुक से हटाने से भी नाराज थी. पीएम मोदी ने 23 जुलाई को यह वीडियो पोस्ट किया था. इसमें उन्होंने पेपर लीक को बड़ी समस्या बताया था. उन्होंने ऐसे मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की भी बात कही थी.
कमलजीत संधू