IAS बनना चाहती थी, कॉम्प्रोमाइज से किया इनकार तो डूबा करियर! 19 साल बाद चमकी इंडियन आइडल सिंगर

IAS बनने का सपना देखने वाली दीपाली सहाय ने इंडियन आइडल से सिंगिंग की दुनिया में कदम रखा. कॉम्प्रोमाइज से इनकार, आवाज खोने का डर और 19 साल के संघर्ष के बाद A.R. Rahman के साथ मिला बड़ा ब्रेक.

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दीपाली सहाय को 19 साल बाद मिली सफलता (Photo: screengrab) दीपाली सहाय को 19 साल बाद मिली सफलता (Photo: screengrab)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 22 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:00 PM IST

इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ का गाना ‘तेरे पास मैं’ लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है. गाने की मेल वर्जन में विपिन अनेजा की आवाज है, लेकिन इसके फीमेल वर्जन ने जिस आवाज को अचानक सुर्खियों में ला दिया है, वो हैं बिहार की दीपाली सहाय. खास बात ये है कि ये कोई रातों-रात मिली शोहरत नहीं है. इस आवाज के पीछे करीब 19 साल का इंतजार, संघर्ष और कई बार टूटकर फिर खड़े होने की कहानी है.

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कभी IPS बनने का था सपना

पटना से ताल्लुक रखने वाली दीपाली का बचपन संगीत के साथ बीता, लेकिन जिंदगी की पहली मंजिल सिंगिंग नहीं थी. उनके बारे में सामने आई प्रोफाइल्स के मुताबिक, बचपन में उनका सपना IPS अधिकारी बनने का था और उन्होंने इसकी तैयारी भी शुरू की थी. लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था.

दीपाली की आवाज को बचपन में ही उनकी मां ने पहचान लिया था. बताया जाता है कि जब वह महज तीन साल की थीं, तब उनकी मां को लगा कि घर में रेडियो पर कोई गाना बज रहा है, जबकि आवाज उनकी छोटी बेटी की थी. इसके बाद पटना में उन्होंने संगीत की बाकायदा तालीम लेनी शुरू की.

12वीं की पढ़ाई के बीच पहुंचीं ‘इंडियन आइडल

साल 2007 में जब दीपाली 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रही थीं, तभी उनकी नजर ‘Indian Idol 3’ के ऑडिशन पर पड़ी. उन्होंने ऑडिशन दिया और सेलेक्ट हो गईं.

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महज 18 साल की उम्र में वह मुंबई पहुंचीं और उनकी आवाज ने जज और दर्शकों दोनों का ध्यान खींचा. शो में उनका सफर भले ट्रॉफी तक नहीं पहुंचा, लेकिन उन्हें देशभर में पहचान मिल गई. उस वक्त शो की होस्ट मिनी माथुर ने उनसे कहा था कि एक दिन लोग उनके गाने गाएंगे. करीब दो दशक बाद ये बात सच होती नजर आ रही है.

और मजेदार बात ये कि अगले सीजन में दीपाली सिर्फ कंटेस्टेंट नहीं रहीं, बल्कि ‘Indian Idol 4’ को होस्ट भी किया.

शो के बाद असली संघर्ष शुरू हुआ

अक्सर रियलिटी शो में आने के बाद लगता है कि अब तो करियर सेट है. लेकिन दीपाली की कहानी इसके बिल्कुल उलट थी. ‘इंडियन आइडल’ के बाद वह मुंबई में रहीं, स्टेज शो किए और प्लेबैक सिंगिंग के मौके तलाशती रहीं. एक वक्त उन्हें यशराज स्टूडियो में संगीतकार मॉन्टी शर्मा से मिलने का मौका भी मिला. लेकिन वहां एक ऐसा अनुभव हुआ जिसके बाद उन्होंने बॉलीवुड से दूरी बनाने का फैसला किया. दीपाली ने बाद में बताया कि उनसे एक ऐसा समझौता करने की उम्मीद की गई थी जिसे वह स्वीकार नहीं कर सकती थीं. उन्होंने साफ तौर पर उस रास्ते से हटना बेहतर समझा.

सिंगिंग छोड़ी, एक्टिंग और डायरेक्शन की तरफ मुड़ीं

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इसके बाद दीपाली ने एक्टिंग की तरफ कदम बढ़ाया. उन्होंने भोजपुरी टीवी शो ‘बड़की मलकाइन’ में काम किया, जो बिहार और पूर्वांचल में काफी लोकप्रिय हुआ. इसके बाद उन्होंने FTII से निर्देशन की पढ़ाई की और कैमरे के पीछे की दुनिया को भी समझा. जिस लड़की ने कभी सिर्फ गाने का सपना देखा था, वह अब एक्टिंग और डायरेक्शन भी सीख रही थी. लेकिन संगीत उनके अंदर से कभी गया नहीं.

एक वक्त ऐसा भी आया जब आवाज खोने का डर सताने लगा

दीपाली की कहानी का सबसे मुश्किल हिस्सा शायद यही था. ‘इंडियन आइडल 4’ की होस्टिंग के दौरान लगातार बोलने की वजह से उनकी वोकल कॉर्ड्स को नुकसान पहुंचा और उन्हें डॉक्टरों से ऐसा डरावना जवाब मिला कि शायद वह दोबारा गा भी न पाएं. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि इसके बाद वह करीब छह साल तक सिंगिंग से दूर रहीं.

सोचिए, जिस लड़की की पहचान ही उसकी आवाज थी, उसी आवाज के चले जाने का डर उसके सामने खड़ा था. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई.

भोजपुरी संगीत को भी दिया अपना रंग

दीपाली ने धीरे-धीरे दोबारा संगीत की तरफ वापसी की. उन्होंने भोजपुरी लोकसंगीत पर काम किया और पुराने भोजपुरी गीतों को नए अंदाज में लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की. बॉलीवुड में बड़ा ब्रेक भले नहीं मिल रहा था, लेकिन वह लगातार अपने हुनर को जिंदा रखे हुए थीं. यही वजह है कि उनके लिए ये 19 साल सिर्फ इंतजार के नहीं, बल्कि अलग-अलग रास्तों से गुजरकर खुद को तैयार करने के साल रहे.

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फिर आया वो मैसेज जिसने जिंदगी बदल दी

और फिर 2026 में वो हुआ जिसका इंतजार शायद दीपाली को भी नहीं था. 6 जनवरी को, जो दीपाली और A.R. Rahman दोनों का जन्मदिन है, उन्हें रहमान की टीम की तरफ से इंस्टाग्राम पर मैसेज मिला. रहमान उनकी आवाज रिकॉर्ड करना चाहते थे.

दीपाली के लिए ये पल किसी सपने से कम नहीं था. वह चेन्नई गईं और रहमान के स्टूडियो में ‘Tere Paas Main’ रिकॉर्ड किया. गाने के बोल इरशाद कामिल ने लिखे हैं और फिल्म का निर्देशन इम्तियाज अली ने किया है. और फिर वही हुआ जिसका इंतजार 19 साल से था.

‘तेरे पास मैं’ ने रातों-रात फिर याद दिलाया- ये आवाज खास है

‘तेरे पास मैं’ रिलीज हुआ और सोशल मीडिया पर तेजी से लोगों की पसंद बन गया. गाने की आवाज में पुराने दौर की प्लेबैक सिंगिंग वाली मिठास और ठहराव लोगों को खासा पसंद आ रहा है.

खुद दीपाली ने भी इस मौके को अपने लिए बेहद खास बताया है. जब A.R. Rahman ने बाद में ‘Indian Idol 16’ में इस गाने को अपने पसंदीदा गानों में चुना, तो दीपाली भावुक हो गईं. उनके मुताबिक उन्हें लगा जैसे जिंदगी ने पूरा चक्कर काटकर उन्हें उसी मंच के सामने ला खड़ा किया, जहां से उनका सफर शुरू हुआ था.

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19 साल लगे, लेकिन सपना अधूरा नहीं रहा

दीपाली सहाय की कहानी में सबसे खूबसूरत बात यही है कि उनका सफर सीधा नहीं था. IPS बनने का सपना देखा, फिर संगीत ने रास्ता बदला. ‘इंडियन आइडल’ मिला, फिर संघर्ष मिला. एक्टिंग की, डायरेक्शन पढ़ा, भोजपुरी संगीत पर काम किया, आवाज खोने का डर देखा और फिर 19 साल बाद बॉलीवुड में ऐसा मौका मिला जिसे कोई भी सिंगर अपने करियर का बड़ा ब्रेक कहेगा.

आज ‘तेरे पास मैं’ सिर्फ एक वायरल गाना नहीं, बल्कि दीपाली सहाय के लिए उन 19 सालों का जवाब है. कभी मंच से बाहर निकलते वक्त उन्हें कहा गया था कि एक दिन लोग उनके गाने गाएंगे. शायद उस वक्त उन्हें भी नहीं पता था कि उस एक लाइन को सच होने में 19 साल लग जाएंगे. लेकिन जब सपना इतना बड़ा हो, तो इंतजार भी शायद छोटा पड़ जाता है.

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