पंजाबी स्टार दिलजीत दोसांझ इंडिया में तो मशहूर है हीं. मगर अब वो विदेश में भी अपना जलवा बिखेरते रहते हैं. दिलजीत दूसरी बार हॉलीवुड होस्ट जिम्मी फॉलन के लेट नाइट शो पर पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी दमदार परफॉर्मेंस से समा बांधा. सिंगर ने वहां जिम्मी संग भांगड़ा भी किया और उनसे ढेर सारी बातचीत की.
दिलजीत को याद आया वैंकूवर कॉन्सर्ट
जिम्मी फॉलन संग बातचीत के दौरान दिलजीत ने अपने हालिया औरा कॉन्सर्ट 2026 पर भी बात की. सिंगर-एक्टर का वैंकूवर के बीसी पैलेस स्टेडियम में एक शो हुआ था, जहां 50,000 से ज्यादा इंडियन्स पहुंचे थे. दिलजीत ने कहा कि उस पल वो बेहद इमोशनल हो गए थे. वैंकूवर में ये दिलजीत का दूसरा शो था, मगर इस वाले कॉन्सर्ट की अहमियत काफी ज्यादा थी.
वैंकूवर कॉन्सर्ट को लेकर दिलजीत ने कहा, 'वैंकूवर के जिस स्टेडियम में हमने शो किया, वो 1914 के समय से है. हमारे लोग तब पहली बार कनाडा आए थे, लेकिन उन्हें आने नहीं दिया गया. उन्हें कनाडा में एंट्री नहीं दी. वो स्टेडियम गुरु नानक जहाज कोमागाटा मारू घटना से सिर्फ दो किलोमीटर दूर है. तो हमारे लिए ये बहुत बड़ी बात थी. उस एक स्टेडियम में 55,000 लोग इकट्ठा हुए, वो जगह जहां हमें पहले आने नहीं दिया था, सिर्फ दो किलोमीटर दूर और आज हम वहां खड़े हैं. इसलिए ये बहुत शानदार फीलिंग थी.'
क्या है कोमागाटा मारू घटना?
1914 में एक सिख बिजनेसमैन गुरदीत सिंह जापानी जहाज कोमागाटा मारू पर सवार होकर हांगकांग से कनाडा जा रहे थे. उनके साथ-साथ करीब 340 सिख, 27 मुसलमान और 12 हिंदू सवार थे. इस जहाज को उन्होंने गुरू नानक जहाज नाम दिया था. लेकिन उन्हें वैंकूवर में एंट्री नहीं दी गई. सभी यात्रियों के पास जरूरी कागजात मौजूद थे, मगर उन्हें तब भी कनाडा से वापस बिना खाना-पानी के भेज दिया गया.
कनाडा की सरकार ने कंटीन्यूअस जर्नी रेगुलेशन नाम के एक नियम का इस्तेमाल करके, उन सभी यात्रियों को कनाडा में घुसने नहीं दिया, भले ही वे ब्रिटिश नागरिक क्यों ना हो. कुछ महीनों बाद, उनमें से 20 यात्रियों को वापस इंडिया भेजा गया. रास्ते में ब्रिटिश इंडियन पुलिस ने उनमें से 19 लोगों को मार दिया और बाकी बचे हुए को या तो जेल में डाला या उन्हें उपद्रवी घोषित करके उनके घर में नजरबंद कर दिया.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क