बीजेपी की तीसरी लिस्ट देख नाराज हुईं अनुप्रिया पटेल, केंद्रीय नेतृत्व से की बात

इन दिनों अपना दल की भी हालत ठीक नहीं है. अनुप्रिया पटेल और उनकी मां कृष्णा पटेल की वर्चस्व की लड़ाई में पार्टी दो गुटों में बंट चुकी है. कृष्णा पटेल के मुताबिक वे करीब 150 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी.

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अनुप्रिया पटेल-नरेन्द्र मोदी अनुप्रिया पटेल-नरेन्द्र मोदी

संदीप कुमार सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 24 जनवरी 2017,
  • अपडेटेड 11:02 PM IST

यूपी की सत्ता में वापसी का सपना देख रही बीजेपी को चुनाव पूर्व एक बड़ी परेशानी से दो-चार होना पड़ सकता है. सूत्रों के मुताबिक़ अनुप्रिया पटेल इस समय बीजेपी से थोड़ी नाराज चल रही है. अनुप्रिया इस बात से नाराज हैं कि जिन सीट पर अपना दल से बंटवारे को लेकर चर्चा चल रही थी उन सीट पर बीजेपी ने अपनी तीसरी सूची में उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है. आपको बता दें कि बीजेपी यूपी में अपना दल और एसबीएसपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है.

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ये है गुस्से की वजह
वाराणसी की रोहनिया सीट से अनुप्रिया पटेल 2012 में जीती थीं. दूसरी सीट मिर्ज़ापुर की चुनार सीट है जहां से बीजेपी ने यूपी बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह के बेटे अनुराग सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है. इसके अलावा बांदा की मानिकपुर सीट है जहां से बीजेपी ने आर के पटेल को बीजेपी ने उम्मीदवार बनाया है.

बताया जा रहा है कि अनुप्रिया पटेल ने बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व से मिलकर अपनी नाराज़गी जताएगी. बीजेपी में भी गठबंधन को लेकर पहले ही घमासान जारी था. ऐसे में इन सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवार उतार देने से माहौल और गर्म हो गया है.

स्टार प्रचारकों में भी नहीं था कोई शामिल
बीजेपी की स्टार प्रचारकों की लिस्ट में भी अपना दल का कोई चेहरा शामिल नहीं था. अपना दल में तीन बड़े नाम हैं और तीनों के तीनों मोदी सरकार में राज्य मंत्री जैसी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. मिर्जापुर से सांसद अनुप्रिया पटेल, चंदौली के सांसद डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय और गाजीपुर से सांसद मनोज सिन्हा का नाम बीजेपी की स्टार प्रचारक लिस्ट में शामिल नहीं था.

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दरअसल, बीजेपी की सहयोगी अपना दल और एसबीएसपी ने 50 से ज्यादा सीटों पर दावा जता दिया था. लेकिन, बीजेपी इन दोनों ही दलों को एक दर्जन से ज्यादा सीट देने को तैयार नहीं है. कारण ये है कि बिहार में गठबंधन दलों ने सीटें काफी बढ़-चढ़कर ली थीं लेकिन उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था, इसलिए बीजेपी में ज्यादा रिस्क नहीं लेना चाहती.


आपको यह भी बता दें कि 2007 में सोनेलाल पटेल के रहते बीजेपी ने अपना दल को 38 सीटें दी थीं. हालांकि इन दिनों अपना दल की भी हालत ठीक नहीं है. अनुप्रिया पटेल और उनकी मां कृष्णा पटेल की वर्चस्व की लड़ाई में पार्टी दो गुटों में बंट चुकी है. कृष्णा पटेल के मुताबिक वे करीब 150 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी.

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